मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अब एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में तीन मार्च, 2025 को हुए इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई अब जिला जज कोर्ट में अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस बीच, बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में एक ऐसी दलील पेश की है जिसने पूरे मुकदमे की दिशा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दावा किया है कि इस पूरे हत्याकांड में कोई भी चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं है। वकीलों का तर्क है कि अभियोजन पक्ष द्वारा जिन दावों को आधार बनाया जा रहा है, उन्हें साबित करने वाला कोई चश्मदीद गवाह नहीं है जिसने वास्तव में मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करते हुए अपनी आंखों से देखा हो। अपनी इन दलीलों के समर्थन में बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए विभिन्न महत्वपूर्ण आदेशों के उदाहरण भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आगामी बुधवार को अभियोजन पक्ष की तरफ से इन तमाम दलीलों का औपचारिक जवाब दिया जाएगा। इससे पहले जिला अदालत में हुई बहसों के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि वारदात की रात मुख्य आरोपी साहिल शुक्ला को किसी ने भी सौरभ और मुस्कान के घर जाते हुए नहीं देखा था। वकीलों का कहना है कि इस बात का कोई पुख्ता प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सौरभ की हत्या केवल साहिल और मुस्कान ने ही की है। इसके विपरीत, अभियोजन पक्ष इससे पहले अदालत में गवाहों के बयानों और साक्ष्यों की बरामदगी के आधार पर अपनी दलीलें रख चुका है तथा दोनों आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर चुका है।
गौरतलब है कि पिछले साल सामने आए इस नीले ड्रम हत्याकांड की गूंज पूरे देश में सुनाई दी थी। पुलिस जांच के अनुसार, 29 वर्षीय सौरभ, जो लंदन में कार्यरत था और अपनी हत्या से महज एक महीने पहले ही मेरठ वापस लौटा था, उसकी हत्या उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने सौरभ के शव को एक नीले रंग के ड्रम के अंदर ठूंसकर भर दिया था और फिर पहचान छिपाने के लिए उसे सीमेंट से पूरी तरह जमा दिया था।
पुलिस ने बाद में कड़ी मशक्कत करते हुए कटर की सहायता से उस नीले ड्रम को काटकर सौरभ के क्षतविक्षत शव को बाहर निकाला था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ब्रह्मपुरी इलाके के रहने वाले सौरभ राजपूत ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी के साथ अपने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में मुस्कान ने एक पुत्री को जन्म दिया था। हालांकि, आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण सौरभ के मातापिता के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए थे, जिसके बाद वह मुस्कान के साथ अलग कमरा किराए पर लेकर रहने लगा था। जब सौरभ दोबारा आजीविका कमाने के लिए लंदन चला गया, तो उसकी अनुपस्थिति में मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। पुलिस के अनुसार, साहिल और मुस्कान दोनों ने अपने स्कूली जीवन में कक्षा आठ तक एक साथ पढ़ाई की थी। अब अदालत के इस नए मोड़ पर सभी की निगाहें बुधवार को होने वाली अभियोजन पक्ष की दलीलों पर टिकी हैं।


