
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान एक चश्मदीद गवाह का बयान सामने आया है। गवाह ने पुलिस को बताया है कि उसने लोहागढ़ किले पर केतन को खाई की ओर धक्का दिए जाते हुए देखा था। गवाह के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने उसे भी चुप रहने की धमकी दी थी।
गवाह की पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है। उसने घटना के करीब पांच दिन बाद पुलिस से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराया था। पुलिस अब उसके बयान की पुष्टि दूसरे सबूतों और तकनीकी साक्ष्यों से करने में जुटी है।
पांच दिन बाद पुलिस के पास पहुंचा चश्मदीद
बताया गया कि घटना के समय चश्मदीद लोहागढ़ किले पर मौजूद था। बाद में जब उसने केतन हत्याकांड से जुड़ी खबरें देखीं तो उसने पुलिस से संपर्क किया।
अपने बयान में गवाह ने दावा किया कि उसने किले पर केतन, सिया गोयल और चेतन चौधरी को देखा था। उसके मुताबिक, सिया ने चेतन की तरफ इशारा किया, जिसके बाद चेतन ने केतन की टांग पर लात मारी और वह नीचे गिर गया।
गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने घटना को अपनी आंखों से देखा था।
‘चुप रहो, वरना तुम्हें भी नीचे फेंक दूंगा’
गवाह के बयान के मुताबिक, घटना के बाद चेतन ने उसे कथित तौर पर धमकाया। आरोप है कि चेतन ने उससे कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके साथ भी ऐसा ही किया जाएगा।
गवाह के मुताबिक, इसी धमकी की वजह से वह डर गया था और उसने तुरंत पुलिस को जानकारी नहीं दी। बाद में मीडिया में घटना की खबरें देखने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
हालांकि, पुलिस अभी गवाह के बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है और उपलब्ध अन्य सबूतों से इसे मिलाया जा रहा है।
हुडी ने गवाह के दावे में जोड़ा एक और विवरण
चश्मदीद ने पुलिस को यह भी बताया कि उस दिन तेज गर्मी होने के बावजूद चेतन ने हुडी पहन रखी थी। इसी वजह से उसका पहनावा गवाह को याद रह गया।
गवाह के मुताबिक, किले की चढ़ाई के दौरान एक अन्य व्यक्ति ने भी चेतन से गर्मी में हुडी पहनने को लेकर सवाल किया था। पुलिस इस जानकारी को भी जांच में शामिल कर रही है।
डिलीट डेटा और टूटे मोबाइल की भी जांच
इस मामले में पुलिस तकनीकी सबूतों को भी अहम मानकर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 12 टीबी डेटा, छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप और कॉल रिकॉर्ड समेत कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।
डिलीट की गई चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों का फोरेंसिक विश्लेषण भी किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ डिलीट डेटा को रिकवर किया जा चुका है।
जांच में कथ


