
लखनऊः नेशनल पी.जी. कॉलेज, लखनऊ के अर्थशास्त्र विभाग और लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के बीच सोमवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी विभाग की प्रमुख वार्षिक अकादमिक पहल ‘अर्थ मंथन’ के अंतर्गत की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ उद्योग जगत की व्यावहारिक समझ और भविष्य के जरूरी कौशल उपलब्ध कराना है।
एमओयू से जुड़े कार्यक्रम की शुरुआत “Think Better, Prompt Better: AI Skills for Students” विषय पर सीए देवेश अग्रवाल के विशेषज्ञ व्याख्यान से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी और जिम्मेदार इस्तेमाल, स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग तथा भविष्य में जरूरी कौशलों के बारे में जानकारी दी।
यह व्याख्यान एमओयू के तहत आयोजित होने वाला पहला क्रियान्वित शैक्षणिक कार्यक्रम भी रहा।
प्राचार्य और LMA सचिव ने किए हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर नेशनल पी.जी. कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेन्द्र कुमार सिंह और लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव राहुल दत्त ने हस्ताक्षर किए।
कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष संतोष यादव, सीए देवेश अग्रवाल, डॉ. सिमरन और डॉ. अनन्या दीक्षित साक्षी के रूप में मौजूद रहे।
विद्यार्थियों को मिलेगी उद्योगोन्मुख शिक्षा
इस साझेदारी के जरिए विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, शोध सहयोग और नीति संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही उद्योगशिक्षा सहभागिता और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
एमओयू का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
AI Skills से भविष्य की तैयारी पर जोर
कार्यक्रम के पहले शैक्षणिक सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष फोकस रहा। “Think Better, Prompt Better” व्याख्यान के जरिए विद्यार्थियों को स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
बदलते रोजगार बाजार में AI और डिजिटल कौशल की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
‘अर्थ मंथन’ का उद्देश्य क्या है?
‘अर्थ मंथन’ के माध्यम से अर्थशास्त्र विभाग विद्यार्थियों के बीच विचार, शोध, नीति और विकास की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ विशेषज्ञों और उद्योग जगत से संवाद का अवसर मिलेगा। विभाग का लक्ष्य उन्हें बदलते आर्थिक और व्यावसायिक परिवेश की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।



