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एक शाम घर से निकली छात्रा, फिर कभी वापस​​​​​​ नहीं लौटी; गले की माला बनी हत्या का हथियार..

एक शाम घर से निकली छात्रा, फिर कभी वापस​​​​​​ नहीं लौटी; गले की माला बनी हत्या का हथियार..

बिहार के जिले में कुछ समय पहले एक ऐसी घटना सामने आई थी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। वह इसी साल बोर्ड परीक्षा देने वाली थी, लेकिन परीक्षा से पहले ही उसकी जिंदगी खत्म हो गई।

मामले में मृतका के परिवार ने एक 24 वर्षीय महिला पर गंभीर आरोप लगाए थे।

शाम को घर से निकली थी छात्रा

परिवार के मुताबिक, घटना वाली शाम करीब सात बजे छात्रा को दूर के रिश्ते में बुआ लगने वाली एक महिला अपने साथ लेकर गई थी। परिवार को अंदाजा नहीं था कि इसके बाद कुछ ऐसा होने वाला है, जिससे उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी।

कुछ समय बाद छात्रा की हत्या की खबर सामने आई। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला ने छात्रा पर जबरन समलैंगिक संबंध बनाने का दबाव बनाया था।

इनकार करने पर हत्या का आरोप

मृतका के पिता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने महिला की मांग मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कथित तौर पर उसके गले में पहनी रुद्राक्ष की माला से ही उसका गला घोंट दिया गया।

परिवार के इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इन आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता था।

पहले से लड़कियों को प्रभावित करने का भी आरोप

परिवार ने महिला पर एक और गंभीर आरोप लगाया था। उनका कहना था कि वह पहले भी कुछ लड़कियों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा देकर अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करती थी और उनके साथ गलत व्यवहार करती थी।

हालांकि, इन आरोपों की भी पुलिस की ओर से उस समय आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कराया गया। मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई और फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया।

पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच से मौत की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

बोर्ड परीक्षा से पहले खत्म हो गई जिंदगी

जिस छात्रा को कुछ ही समय बाद 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठना था, उसकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पढ़ाई और भविष्य के सपनों के बीच वह एक ऐसी घटना का शिकार हो गई, जिसकी पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आनी थी।

इस मामले में सबसे अहम बात यही रही कि परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बीच फर्क रखा जाए। हत्या के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकती है।

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