CrimeIndiaTrendingUttar Pradesh

थाने के अंदर बना दिया मस्जिद! पुलिस का अल्टीमेटम – 7 दिन में हटाओ, तो बोले इमाम ये 200 साल.

Masjid in Police Station: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. खरखौदा थाने की चारदीवारी और अलॉटेड सरकारी जमीन के अंदर जामा मस्जिद के निर्माण का खुलासा हुआ है. राजस्व विभाग की रिपोर्ट में इस अवैध कब्जे की पुष्टि हुई. पुलिस प्रशासन ने खाली करने के लिए मस्जिद के मुतवल्ली और इमाम को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है. नोटिस में कहा गया है कि यदि तय समय में अवैध निर्माण स्वतः नहीं हटाया गया, तो बाबा का बुलडोजर चलेगा. मस्जिद कमेटी इसे 200 साल पुरानी बताकर कोर्ट जाने की तैयारी में है.

थाने के अंदर मस्जिद! पुलिस का अल्टीमेटम- 7 दिन में हटाओ, तो बोले इमाम-200 साल…

Meerut Mosque in Police Station: सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ मुहिम जारी है. इसी क्रम में मेरठ से एक मस्जिद को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है. मेरठ के खरखौदा थाना परिसर की सरकारी जमीन पर बनी जामा मस्जिद को लेकर अब प्रशासन और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच भारी घमासान छिड़ गया है. राजस्व विभाग की एक जांच में पता चला कि पूरी जामा मस्जिद थाने के लिए आवंटित की गई सरकारी जमीन के भीतर अवैध रूप से बनाई गई है. इस रिपोर्ट के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मस्जिद के इमाम और मुतवल्ली को एक कड़ा कानूनी नोटिस थमा दिया है.

न्यूज18 इंडिया की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह विवादित मस्जिद खरखौदा थाने के लिए अलॉट हुई सरकारी जमीन के बिल्कुल अंदर मौजूद है. यहां तक कि थाने की चारदीवारी के भीतर ही इस पूरी मस्जिद का निर्माण कराया गया है. पुलिस द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट तौर पर राजस्व विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है. नोटिस में मस्जिद प्रशासन को महज 7 दिनों का समय दिया गया है. चेतावनी दी गई है कि यदि इस अल्टीमेटम के भीतर अवैध रूप से किए गए निर्माण को नहीं हटाया गया, तो पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेगा.

थाने से पहले की है मस्जिद – मुतवल्ली अय्यूब सैफी का दावा

न्यूज़18 इंडिया के संवाददाता कुमार प्रदीप ने जब मस्जिद और थाना स्पॉट पर जाकर जमीनी हकीकत जानी, तो मस्जिद कमेटी का एक अलग ही पक्ष सामने आया. जामा मस्जिद खरखौदा के मुतवल्ली अय्यूब सैफी ने प्रशासनिक नोटिस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दावा किया कि यह जामा मस्जिद कोई नई नहीं, बल्कि 200 साल से भी ज्यादा पुरानी है. उन्होंने कहा कि जिस समय इस ऐतिहासिक मस्जिद का निर्माण हुआ था, उस दौर में यहां पर पुलिस थाने का कोई वजूद ही नहीं था. मुतवल्ली ने साफ किया कि वे मस्जिद पर किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई को रोकने के लिए तय समय सीमा के भीतर माननीय न्यायालय (कोर्ट) की शरण लेंगे और कानूनी तरीके से मस्जिद के अस्तित्व की रक्षा करेंगे.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply