अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट बिज़नेस में टेमासेक और अल्फा वेव ग्लोबल समेत ग्लोबल निवेशकों का एक ग्रुप $1.3 बिलियन यानी 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने के लिए बातचीत कर रहा है. यह जानकारी इस मामले से जुड़े लोगों ने दी. इस प्रस्तावित निवेश से अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स का अनुमानित वैल्यूएशन $18 बिलियन करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी. यह निवेश, कैपिटल इंटरनेशनल की ओर से अडानी ग्रुप की अलगअलग कंपनियों में किए गए इसी तरह के बड़े निवेश के ठीक बाद आया है.

चार निवेशकों के इस ग्रुप में शामिल होने की उम्मीद है. ये निवेशक भारत के सबसे बड़े प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर में हिस्सेदारी चाहते हैं. उन्हें भरोसा है कि दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश में हवाई ट्रैफिक में बढ़ोतरी जारी रहेगी. बाकी दो निवेशकों के बारे में जानकारी नहीं हो पाई है. GMR एयरपोर्ट्स का मार्केट वैल्यूएशन गुरुवार को कारोबार खत्म होने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये था.
अभी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इन बातचीत का कोई नतीजा निकलेगा या नहीं. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप का मैनेजमेंट काफी ज्यादा प्रीमियम की उम्मीद कर रहा है. जो इस डील को रोक सकता है साथ ही, कुछ निवेशकों ने सुनिश्चित रिटर्न के साथ एक स्ट्रक्चर्ड निवेश की मांग की थी, जिसे ग्रुप ने ठुकरा दिया है.
टेमासेक का पोर्टफोलियो
टेमासेक के पास भी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जिसमें CapitaLand, Keppel और Sembcorp शामिल हैं. अडानी ग्रुप के CFO जुगेशिंदर सिंह ने पिछले महीने एक अर्निंग्स कॉल में बताया कि कंपनी ने FY27 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स प्लान तैयार किया है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा एयरपोर्ट्स के लिए है, जो लगभग 17,000 करोड़ रुपये का है. इसका ज्यादातर हिस्सा मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और जयपुर एयरपोर्ट्स पर ‘सिटीसाइड डेवलपमेंट’ पर खर्च किया जाएगा. कंपनी 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले अहमदाबाद में एक नया टर्मिनल बना रही है.
कंपनी नवी मुंबई एयरपोर्ट पर दूसरे फेज के डेवलपमेंट काम को तेज कर रही है. ऐसी उम्मीद है कि पैसेंजर ट्रैफिक में हो रही बढ़ोतरी के कारण, मौजूदा क्षमता अगले 1218 महीनों में पूरी तरह भर जाएगी. 31 मार्च तक, कंपनी की नेट वर्थ 7,259.53 करोड़ रुपये थी, जो पिछले साल के मुकाबले 6.8% कम है. वहीं, कुल देनदारियां 37.7% बढ़कर 47,918.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 65,976.90 करोड़ रुपये हो गईं. FY26 में ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 34.4% बढ़ा. टैक्स के बाद का प्रॉफिट दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 772.22 करोड़ से बढ़कर 1,731.04 करोड़ रुपये हो गया.


