TrendingUttar Pradesh

Rakshabandhan 2026: बाजारों में छाया सुनहरी-चांदी की राखियों का जलवा, इको-फ्रेंडली रक्षासूत्र पहली पसंद ; जानें रेट

नीरज मिश्र/ लखनऊ, अमृत विचार। रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर सजने वाले वाली राखी पर्यावरण संतुलन का संदेश भी देगी। सर्राफा बाजार में पर्यावरण मित्र नाम की इस राखी की डोरी में बीज पिरोए गए हैं। इन बीजों को बुआई कर बहनभाई रिश्ते की जड़ों को गहराई तक ले जाने के साथ पर्यावरण संतुलन का संदेश भी दे सकेंगे।

सर्राफ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि पर्यावरण मित्र राखी में चांदी का एक छोटो पेंडेंट है। इसकी डोरी में पौधों के अलगअलग बीज पिरोए गए हैं। इसे प्रधानमंत्री के ”एक पेड़ मां के नाम से” आह्वान से भाईबहनों को प्रेरित करने के लिए तैयार किया गया है।

बहनें भाई को ये राखी बांधकर उसमें लगे बीज रोपकर रिश्ते की जड़ों को गहराइयों तक ले जाने के साथ हरा भरा रखने का संदेश भी दे सकती हैं। इस राखी में बांधने वाली सूती और रंगीन डोरियां स्वत: ही बहनों को अपनी ओर आकर्षित करती है। विशेष तरह से तैयार इस राखी की कीमत 400 से 500 रुपये के बीच है।

चांदी और सोने के ब्रेसलेट

चांदी और सोने के ब्रेसलेट, कलाई के लिए जंजीरनुमा कड़े शोरूम में सज गए हैं। ग्राहक अपने बजट के हिसाब से राखियां खरीद रहे हैं। सोने की ”ढाई लाख” रुपये कीमत की राखी भी है। दो लड़ी सुनहरी जंजीर और बेहतरीन पेंडेंट इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।

कैलाश चंद्र जैन बताते हैं कि चांदी के जंजीरनुमा ब्रेसलेट जो ठोस और घड़ी की तरह लटकने वाले अंदाज में बनाए गए हैं। लुक अच्छा है। इसे पसंद किया जाता है।

इस बार ब्रेसलेट इटेलियन लुक के आए हैं। चांदी में विशेष तरह की गोल्डेन पॉलिश है जो भारी ज्वेलरी से कम नहीं नजर आती है। इसकी कीमत 7 हजार से शुरू होकर 20 हजार रुपये तक है।

800 से 15 सौ रुपये की चांदी की राखी

लखनऊ सर्राफा के आदीश के मुताबिक चांदी की हल्की और ब्रेसलेट बहनें खरीद रही हैं। ब्रेसलेट के पीछे बचत की भी मंशा है कि इसी बहाने सोना चांदी घर में रहेगी और भाई की कलाई पर फबेगी भी।

कपल राखी

विनोद महेश्वरी बताते हैं कि 600 से 800 रुपये कीमत वाली कपल राखी पसंदीदा है। इसमें भाई और भाभी दोनों के लिए चांदी के रक्षासूत्र हैं। इसी तरह राखी के साथ डिब्बी में रोली और अक्षत भी हैं। इसकी भी कीमत 600 रुपये के आसपास है। स्टर्लिंग सिल्वर और गोल्ड वर्क पर आई फाइल भी लोकप्रिय है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply