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घर में बहता पानी लाएगा अपार धन! जानिए एक्वेरियम और वॉटर फॉल रखने की सही दिशा और वास्तु नियम..

घर में बहता पानी लाएगा अपार धन! जानिए एक्वेरियम और वॉटर फॉल रखने की सही दिशा और वास्तु नियम..

हर कोई चाहता है कि उसके घर में पैसों की तंगी कभी न रहे. दिन रात की मेहनत के बाद भी कई बार घर में पैसा नहीं टिकता. वास्तु शास्त्र में पानी को सीधे तौर पर धन की आवक यानी कैश फ्लो से जोड़कर देखा जाता है.

जिस तरह पानी लगातार बहता रहता है, उसी तरह घर में सही जगह रखा पानी पैसों की आवाजाही को बनाए रखता है. आजकल लोग घर को सुंदर बनाने के लिए इनडोर वॉटर फॉल या फिश एक्वेरियम जरूर लगाते हैं.

लेकिन अगर इन्हें गलत दिशा में रख दिया जाए तो यही पानी धन लाभ की जगह भारी नुकसान भी करा सकता है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार घर में पानी की सही सजावट कैसे करें ताकि घर में सुख और समृद्धि आए.

पानी की सही दिशा चुनना

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पानी से जुड़ी किसी भी चीज को रखने के लिए उत्तर और उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है. यह दिशा जल तत्व की मानी जाती है और धन के देवता कुबेर का निवास भी यहीं होता है.

अगर आप अपने घर में छोटा सा वॉटर फॉल या झरना लगा रहे हैं तो उसे उत्तर दिशा में ही लगाएं. ऐसा करने से घर में नए कमाई के मौके बनते हैं. व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस आने लगता है. ध्यान रखें कि पानी का बहाव हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं.

फिश एक्वेरियम का कमाल

घर में मछली का एक्वेरियम रखना केवल सजावट का सामान नहीं है, बल्कि यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को तेजी से खत्म करता है. एक्वेरियम को घर के ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया में पूर्व या उत्तर दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है.

एक्वेरियम में तैरती हुई मछलियां घर के सदस्यों के जीवन में सकारात्मकता और उमंग लाती हैं. जब मछलियां पानी में घूमती हैं तो उससे एक खास तरह की ऊर्जा पैदा होती है. यह ऊर्जा घर के वास्तु दोषों को मिटाती है और पैसों की तंगी को दूर करने में मदद करती है.

इन जगहों पर भूलकर न रखें

घर में पानी की चीजें रखते समय कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. वॉटर फॉल या एक्वेरियम को कभी भी घर के बेडरूम में नहीं रखना चाहिए. बेडरूम में पानी की मौजूदगी से पति पत्नी के रिश्तों में तनाव आ सकता है और दिमागी परेशानी बढ़ती है.

इसके अलावा किचन या रसोईघर में भी एक्वेरियम या झरना न लगाएं. किचन में अग्नि यानी आग का वास होता है और पानी व आग का मेल वास्तु में बहुत बड़ा दोष माना जाता है. इससे घर के सदस्यों की सेहत बिगड़ सकती है और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं.

पानी की सफाई का ध्यान

वास्तु शास्त्र में गंदा या ठहरा हुआ पानी बेहद अशुभ माना जाता है. अगर आपने घर में एक्वेरियम रखा है तो उसका पानी समय समय पर बदलते रहें. गंदे पानी से घर में बीमारियां फैलती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

इसी तरह अगर आपने कोई कृत्रिम झरना या फाउंटेन लगाया है तो उसका पानी भी हमेशा साफ और बहता हुआ होना चाहिए. रुका हुआ पानी तरक्की को रोक देता है. फाउंटेन में से पानी गिरने की धीमी और मधुर आवाज आनी चाहिए. यह आवाज घर के माहौल को शांत और खुशनुमा बनाए रखती है.

मछलियों की संख्या का नियम

अगर आप घर में एक्वेरियम रख रहे हैं तो मछलियों की संख्या का भी खास ध्यान रखें. वास्तु के अनुसार एक्वेरियम में कम से कम 9 मछलियां होना बहुत शुभ माना जाता है. इनमें से 8 मछलियां लाल या नारंगी रंग की होनी चाहिए और 1 मछली काले रंग की होनी चाहिए.

काले रंग की मछली घर को दूसरों की बुरी नजर से बचाती है. अगर एक्वेरियम में कोई मछली अपने आप मर जाए तो घबराएं नहीं. इसका मतलब होता है कि उस मछली ने आपके घर पर आने वाली किसी बड़ी विपत्ति को अपने ऊपर ले लिया है. उस मछली को निकालकर नई मछली रख दें.

डिस्क्लेमर: यह लेख पारंपरिक वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों और सामान्य लोक मान्यताओं पर आधारित है. इसे केवल पाठकों की जानकारी और रुचि के लिए तैयार किया गया है. घर में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले किसी योग्य वास्तु विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

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