
लखनऊ, अमृत विचार : त्रिस्तरीय पंचायत में कार्रवाई के लिए विधान मंडल के पटल पर रखी गई वर्ष 202122 की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा धांधली जिला पंचायत में 1261.29 करोड़ रुपये की पकड़ी गई है। ऑडिट टीम को संभल, रामपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, शामली, कन्नौज, मथुरा व बदायूं को छोड़कर 67 जिला पंचायत पर गबन, दुर्विनियोग और अनियमितता के 1208 प्रकरण मिले हैं। जहां जिम्मेदारों ने विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर सरकारी धन खर्च किया लेकिन, कार्य और उनमें भुगतान का हिसाब नहीं दे पाए।
सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के मुताबिक जिला पंचायत शाहजहांपुर में 5.26 करोड़, प्रयागराज 3.59 करोड़, फिरोजाबाद में 14.54 लाख व चित्रकूट में 24 हजार रुपये की राजकीय क्षति मिली है। ये धनराशि जीएसटी, इनकम टैक्स व लेबर टैक्स के नाम पर काटकर सरकारी खाते में जमा नहीं की गई। इसके अलावा 67 जिला पंचायत में गबन, अनियमितता और दुर्विनियोग में सबसे अधिक सीतापुर में 131 करोड़ रुपये की धांधली की गई।
वहीं, आगरा में 94.65 करोड़, अलीगड़ 86.23 करोड़, लखीमपुर खीरी 73.33 करोड़, बरेली 66.15 करोड़, गौतमबुद्ध नगर 61.22 करोड़, अयोध्या 62.76 करोड़, मेरठ 54.26 करोड़, फिरोजाबाद 44.01 करोड़, शाहजहांपुर 42.23 करोड़, सोनभद्र 39.10 करोड़, अम्बेडकर नगर 35.65 करोड़, जौनपुर 34.13 करोड़, अमरोहा 32.58 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिला है। अब पंचायती राज समिति के फैसले पर दोषियों पर कार्रवाई करके वसूली की जाएगी।


