स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को बीसीसीआई ने टीम इंडिया का नया टी20 कप्तान नियुक्त किया है। अय्यर को सूर्यकुमार यादव की जगह जिम्मेदारी सौंपी गई है। कप्तान बनने के बाद अब श्रेयस अय्यर का पहला रिएक्शन भी सामने आ गया है। अय्यर ने कहा है कि उन्हें बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना पसंद रहा है और नेशनल टीम की कप्तानी मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपना व्यक्तित्व बदलना होगा। अय्यर ने कहा कि वह वही व्यक्ति बने रहना चाहते हैं, जिसने मुंबई के बेहद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट माहौल में खेलते हुए अपनी पहचान बनाई।

मुझे अपना पर्सनैलिटी बदलने की जरूरत नहीं है: श्रेयस अय्यर
अय्यर ने मुंबई में एक इवेंट में कहा कि मुझे अपना पर्सनैलिटी बदलने की जरूरत नहीं है। मुझे वही इंसान बने रहना है जो मैं पहले था। मैं किसी और जैसा बनने या किसी के छाए में रहने की कोशिश नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे क्रिकेटप्रेमी शहर में बड़े होने के कारण चुनौतियां उनके जीवन का हिस्सा रही हैं। भारत के नए कप्तान ने आगे कहा कि मुझे हमेशा चुनौतियां पसंद रही हैं। मुंबई में क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है और प्रतिस्पर्धा भी बेहद कड़ी होती है। वहां हर दूसरा बच्चा मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है। इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि उनकी सोच हमेशा जीत हासिल करने की रही है।
कप्तान बनना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर ने कहा कि मेरी सोच हमेशा यही रहती है कि सामने जो भी मुश्किल आए मैं उससे लड़ूं और जीतूं। नया सीखना और मैच जीतना अपनी जगह जरूरी है लेकिन खेल का आनंद लेना और मन में मुकाबला करने का जोश रखना आपको बहुत आगे ले जाता है। उन्होंने बताया की जब आपको कप्तानी जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो आप उसे खुशीखुशी स्वीकार करते हैं। इस समय कप्तान के रूप में जो जिम्मेदारी मुझे मिली है, वह मेरे लिए एक बहुत बड़ा चैलेंज है।
आयरलैंड दौरे पर पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे अय्यर
श्रेयस अय्यर आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी संभालेंगे। उन्होंने अपना आखिरी टी20 मैच दिसंबर 2023 में खेला था और उसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे थे। अय्यर ने आईपीएल में पिछले 3 साल से कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बतौर कप्तान केकेआर को 2024 में चैंपियन बनाया, वहीं 2025 में उनकी कप्तानी में पंजाब किंग्स फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी। इस साल पंजाब ने उनकी कप्तानी में शुरुआती 7 मैचों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन उसके बाद वह लगातार मैच हारते चले गए और प्लेऑफ में जगह नहीं बना सके।



