BusinessIndia

दवा बाजार में सन फार्मा का ऐतिहासिक कदम! ऑर्गनन के साथ की सबसे बड़ी डील, टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड

Satya Report: सन फार्मा ने सोमवार को किसी भी भारतीय दवा कंपनी द्वारा अब तक के सबसे बड़े अधिग्रहण की घोषणा की. कंपनी ने USलिस्टेड ऑर्गनन & Co. को खरीदने पर सहमति जताई है. यह एक पूरी तरह से कैश डील है, जिसकी एंटरप्राइज वैल्यू 11.75 बिलियन डॉलर यानी मौजूदा करेंसी एक्सचेंज रेट के हिसाब से देखें तो 1 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. इस कदम से सन फार्मा का ग्लोबल लेवल और चिकित्सीय दायरा नाटकीय रूप से बदल जाएगा. इस डील में ऑर्गनन का वैल्यूएशन 14 डॉलर प्रति शेयर कैश के हिसाब से किया गया है. यह सन फार्मा की उस रणनीति में एक निर्णायक कदम है, जिसका मकसद खुद को एक बड़ी, डायवर्सिफाइड ग्लोबल मेडिसिन मेकर कंपनी के रूप में तेजी से बदलना और ट्रेडिशनल जेनेरिक दवाओं से अलग ग्रोथ के नए रास्ते खोजना है.

दवा बाजार में सन फार्मा का ऐतिहासिक कदम! ऑर्गनन के साथ की सबसे बड़ी डील, टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड
दवा बाजार में सन फार्मा का ऐतिहासिक कदम! ऑर्गनन के साथ की सबसे बड़ी डील, टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड

140 देशों में फैला है कारोबार

इस अधिग्रहण का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, स्थापित ब्रांडों और बायोसिमिलर दवाओं के क्षेत्र में सन फार्मा की मौजूदगी को मजबूत करना है, साथ ही एडवांस मार्केट्स में इसकी व्यावसायिक पहुंच का काफी विस्तार करना है. ऑर्गनन अपने साथ एक मजबूत ग्लोबल पहचान लेकर आया है. इसका कारोबार 140 से अधिक देशों में फैला हुआ है. गर्भनिरोधक और प्रजनन क्षमता के क्षेत्र में कंपनी की काफी मजबूत स्थिति है. इसके पास 50 से अधिक स्थापित ब्रांडों का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, और इसका बायोसिमिलर कारोबार तेजी से बढ़ रहा है.

सन फार्मा के लिए, यह डील महिलाओं के स्वास्थ्य को त्वचा विज्ञान , नेत्र विज्ञान और ऑन्कोत्वचा विज्ञान के साथसाथ इनोवेशन के एक नए स्तंभ के रूप में जोड़ता है. साथ ही, यह इसे बायोसिमिलर दवाओं के क्षेत्र में तत्काल बड़ा विस्तार देता है, जहां Organon पहले से ही दुनिया की टॉप कंपनियों में से एक है.

दोगुना हो जाएगा रेवेन्यू

फाइनेंशियली देखें तो यह अधिग्रहण एक बड़ा बदलाव दर्शाता है. मर्जर के बाद, सन और Organon की ज्वाइंट यूनिट से सालाना 12.4 बिलियन डॉलर का राजस्व मिलने की उम्मीद है. यह वित्त वर्ष 2025 में सन फार्मा के अकेले 6.2 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू का लगभग दोगुना होगा, और संयुक्त EBITDA बढ़कर लगभग 3.7 बिलियन डॉलर हो जाएगा. मर्जर की गई कंपनी को अपना राजस्व का एक बड़ा हिस्सा नई दवाओं और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स से प्राप्त होगा. इससे कमोडिटी बन चुकी जेनेरिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी, और इनोवेशन, स्थापित ब्रांडों तथा बायोसिमिलर दवाओं के बीच एक अधिक संतुलित व्यावसायिक मिश्रण तैयार होगा.

कहां से होगी फंडिंग

सन फार्मा ने बताया है कि इस डील की फंडिंग दो तरीकों से की जाएगी. जिसमें कंपनी की बैलेंस शीट में मौजूद 22.5 बिलियन कैश राशि और बैंकों से मिलने वाला 9.259.75 बिलियन डॉलर का सुनिश्चित लोन शामिल है. अधिग्रहण के इतने बड़े साइज के बावजूद, प्रबंधन को उम्मीद है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ कंट्रोल में रहेगा. ऑर्गनन के मजबूत और अनुमानित कैश फ्लो के सहारे, ज्वाइंट बेस पर नेट डेटसेEBITDA रेश्यो लगभग 1.8 गुना रहने का अनुमान है. ऑर्गनन फाइनेंसिंग से पहले सालाना 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करता है, जिसका इस्तेमाल Sun तेजी से कर्ज कम करने के लिए करने की योजना बना रहा है, साथ ही रिसर्च, डेवलपमेंट और भविष्य के बिजनेस डेवलपमेंट के मौकों में निवेश करना भी जारी रखेगा.

कहां और कैसे होगी कमाई?

मैनेजमेंट ने ऑर्गनन डील को सिर्फ एक फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के बजाय एक बड़ा बदलाव लाने वाले मौके के तौर पर पेश किया है. उम्मीद है कि यह इंटीग्रेशन दो से चार साल के अंदर 350 मिलियन डॉलर से ज्यादा की संभावित सिनर्जी देगा. यह कॉस्ट में कमी, सप्लाईचेन को बेहतर बनाने और ऑर्गनन के जानेमाने ब्रांड्स पर सनफार्मा के ब्रांडेडजेनेरिक्स को लागू करने की रणनीति की वजह से होगा. सन फार्मा को अलगअलग बाजारों में प्रोडक्ट्स को एकदूसरे से जोड़कर और ऑर्गनन के मजबूत ग्लोबल कमर्शियल नेटवर्क का इस्तेमाल करके नई थेरेपीज के लिए लाइसेंस लेकर उन्हें बड़े पैमाने पर फैलाने से भी काफी फायदा होने की उम्मीद है.

जब रैनबैक्सी को खरीदा था

यह अधिग्रहण सन फार्मा के बड़े और मुश्किल लेनदेन के लंबे इतिहास को आगे बढ़ाता है. इनमें सबसे खास है 2014 में रैनबैक्सी का अधिग्रहण, साथ ही कई ऐसे खास लाइसेंसिंग डील जिन्होंने कंपनी के नए और आधुनिक दवाओं के पोर्टफोलियो को मजबूत बनाया. पिछले डेढ़ दशक में, इन कदमों की वजह से वित्त वर्ष 2010 और वित्त 2025 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 14.4 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर और एबिटडा में 13 फीसदी की सीएजीआर देखने को मिली है. इससे बड़े बिजनेस को आपस में जोड़ने और समय के साथ उनसे फायदा निकालने की मैनेजमेंट की काबिलियत पर उनका भरोसा और भी मजबूत हुआ है.

18 देशों से 100 मिलियन से ज्यादा का रेवेन्यू

एक बार यह प्रोसेस पूरा हो जाने पर—जिसकी उम्मीद शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद 2027 की शुरुआत में है—नई बनी कंपनी की मौजूदगी सभी बड़े फार्मास्युटिकल बाजारों में होगी. इसमें 18 ऐसे देश शामिल होंगे जहां से हर एक से 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू मिलेगा, और कंपनी के पास लगभग 24,000 लोगों की एक ग्लोबल कमर्शियल टीम होगी. इस बड़े हुए प्लेटफॉर्म की वजह से सनफार्मा ग्लोबल लाइसेंसिंग डील्स के लिए एक ज्यादा मजबूत पार्टनर के तौर पर उभर पाएगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply