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हिंदू धर्म की चंदन की लकड़ी में दीमक लग गई: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, कहा- मेरी नरमी….

Shankaracharya Avimukteshwaranand Statement: उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी 81 दिवसीय ‘गविष्ठि ’ यात्रा के 76वें दिन अयोध्या में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कई तीखे बयान दिए। उन्होंने गौ माता को ‘माता’ का दर्जा देने की मांग की और राम मंदिर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

हिंदू धर्म की चंदन की लकड़ी में दीमक लग गई: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, कहा- मेरी नरमी….
हिंदू धर्म की चंदन की लकड़ी में दीमक लग गई: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, कहा- मेरी नरमी….

हिंदू धर्म की चंदन की लकड़ी में दीमक लग गई..

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हिंदू धर्म की चंदन की लकड़ी में दीमक लग गई है और मेरी नरमी ही उसकी नमी बन गई। जिसने गलत लोगों को बढ़ावा दिया। शंकराचार्य ने आगे कहा कि असली और नकली हिंदू की पहचान गौ माता के सम्मान से होती है।

शंकराचार्य ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार गौ माता को पशु सूची से हटाकर ‘ गौ माता’ का दर्जा दे अन्यथा उन्हें हिन्दू समाज का समर्थन नही मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल ऐसा करेगा वही हिंदू समाज के वोट का अधिकारी होगा। चाहे वह कोई भी पार्टी हो।

श्रीराम मंदिर की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी ने दान चोरी मामले पर बात करते हुए श्रीराम मंदिर की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीराम के दरबार में चोरी हुई, लेकिन जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रायश्चित कराना वास्तविक प्रायश्चित नहीं है। अयोध्या में वर्तमान व्यवस्था समाप्त कर धर्माचार्यों, संतों और निगरानी व्यवस्था वाले नए न्यास के गठन भी होनी चाहिए। इस दौरान शंकराचार्य ने सभा में उपस्थित लोगों से सामूहिक संकल्प भी दिलाया कि यदि गौ माता को सम्मानजनक दर्जा नहीं दिया गया तो वे आगामी में वर्तमान सत्तारूढ़ दल को वोट नहीं देंगे।

कार्यक्रम के अंत में वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ”, “गौ माता की जय” और “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ सभा का समापन हुआ।

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