Satya Report: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब जयमाला के दौरान दूल्हे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद दुल्हन ने शादी से साफ इनकार कर दिया। वधु पक्ष ने धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बारातियों को बंधक बना लिया। दूल्हे की बीमारी छिपाने और दहेज में ‘स्कॉर्पियो’ की मांग से आहत दुल्हन ने मंडप में ही शादी से इनकार कर दिया। भारी तनाव और पुलिस की मौजूदगी के बाद, 14 लाख रुपये के हर्जाने पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ।

हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित ग्रीन वैली मैरिज होम में खुशियों का माहौल था। बारात चढ़ने के बाद दूल्हादुल्हन जयमाला के लिए स्टेज पर चढ़े। इसी दौरान अचानक दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई। दुल्हन के अनुसार, स्टेज पर ही दूल्हे को दौरे पड़ने लगे और उसकी “बत्तीसी भिंच” गई। यह देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। आरोप है कि दूल्हे को पुरानी बीमारी थी, जिसे लड़के पक्ष ने पूरी तरह छिपा कर रखा था। दूल्हे की हालत को देखकर स्टेज पर मौजूद लोग सन्न रह गए। दुल्हन ने आरोप लगाया कि दूल्हा नशे में भी था और उसे दौरे पड़ रहे थे।
बीमारी छिपाकर कर रहे थे शादी
दुल्हन के परिजनों का गुस्सा तब सातवें आसमान पर पहुंच गया जब उन्हें पता चला कि दूल्हे को पुरानी बीमारी है, जिसे छिपाकर यह रिश्ता तय किया गया था। दुल्हन ने रोते हुए बताया कि मेरे पिता ने हाथ जोड़कर, कर्ज लेकर इनकी हर मांग पूरी की। पहले छोटी गाड़ी दी थी, लेकिन ये लोग स्कॉर्पियो के लिए अड़ गए। इन्होंने न केवल हमें आर्थिक रूप से लूटा, बल्कि धोखे में रखकर मेरी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। धोखाधड़ी से नाराज वधु पक्ष ने बारातियों को मैरिज होम में ही बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने और सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही। उसने स्पष्ट कहा, “जो इंसान और परिवार झूठ की बुनियाद पर रिश्ता शुरू कर रहा है, उसके साथ मेरा भविष्य सुरक्षित नहीं है।”
14 लाख रुपये वापस करने पर बनी सहमति
दूल्हा गाजियाबाद से बारात लेकर हापुड़ पहुंचा था पूरी रात चले हंगामे के बाद देर रात पंचायत बैठी। पुलिस की मौजूदगी में वधु पक्ष ने शादी की तैयारियों, चढ़ावे और अन्य खर्चों का हिसाब रखा। अंततः लड़के पक्ष ने अपनी गलती मानी और समझौते के तौर पर 14 लाख रुपये नकद वापस करने पर सहमति बनी। हर्जाने की राशि अदा करने के बाद ही दूल्हे और बारातियों को वहां से जाने दिया गया। बिना दुल्हन के बारात वापस जाने की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग दुल्हन के साहस की सराहना कर रहे हैं जिसने ऐन मौके पर हिम्मत दिखाते हुए गलत के खिलाफ आवाज उठाई। वधु पक्ष का कहना है कि पैसा तो वापस मिल गया, लेकिन उनकी बेटी के साथ जो विश्वासघात हुआ है, उसकी भरपाई नामुमकिन है।



