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पुरुषों में बढ़ रही इनफर्टिलिटी की समस्या, डॉक्टरों के मुताबिक इन बातों का रखें ध्यान.

पुरुषों में बढ़ रही इनफर्टिलिटी की समस्या, डॉक्टरों के मुताबिक इन बातों का रखें ध्यान.

भारत में इनफर्टिलिटी यानी संतान प्राप्ति में परेशानी को लंबे समय तक महिलाओं से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर किसी दंपती को लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो जांच सिर्फ महिला की नहीं, बल्कि दोनों पार्टनर की होनी चाहिए।

इनफर्टिलिटी में पुरुषों की भूमिका भी अहम

विशेषज्ञों के अनुसार इनफर्टिलिटी के करीब 40 से 50 प्रतिशत मामलों में पुरुष से जुड़े कारण हो सकते हैं। वहीं कुछ मामलों में पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता से जुड़े कारण सामने आते हैं।

पुरुषों में कम स्पर्म काउंट, स्पर्म की कमजोर गतिशीलता, स्पर्म की गुणवत्ता में कमी या स्पर्म का बिल्कुल न बनना गर्भधारण में परेशानी की वजह बन सकता है।

बदलती लाइफस्टाइल भी बन सकती है वजह

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, बढ़ता वजन, तनाव, धूम्रपान और ज्यादा शराब का सेवन पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकते हैं।

इसके अलावा पर्यावरण में मौजूद कुछ प्रदूषक और ऐसे केमिकल्स के संपर्क में आना भी चिंता का विषय माना जाता है, जो शरीर के हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।

हालांकि, किसी एक कारण को हर पुरुष में इनफर्टिलिटी की वजह नहीं माना जा सकता। इसके लिए उचित मेडिकल जांच जरूरी होती है।

शुरुआत में कराई जा सकती है आसान जांच

अगर लंबे समय से गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो पुरुषों के लिए सीमन एनालिसिस (Semen Analysis) शुरुआती जांचों में से एक है। इससे स्पर्म की संख्या, उनकी गति और आकार जैसी चीजों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

कुछ मामलों में डॉक्टर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं, खासकर जब सामान्य रिपोर्ट के बावजूद गर्भधारण में परेशानी बनी रहे।

जब वीर्य में स्पर्म न हों

कुछ पुरुषों में एजोस्पर्मिया (Azoospermia) की स्थिति हो सकती है। इसमें वीर्य में स्पर्म दिखाई नहीं देते। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनमें स्पर्म बनने में समस्या या प्रजनन मार्ग में रुकावट शामिल है।

कुछ मामलों में रुकावट का इलाज संभव होता है और कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर सर्जिकल तरीके से स्पर्म प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हैं।

IVF और आधुनिक तकनीक से बढ़े विकल्प

आज इनफर्टिलिटी के इलाज में IVF और दूसरी Assisted Reproductive Technologies की मदद से कई विकल्प उपलब्ध हैं। कुछ मामलों में पुरुष से बहुत कम संख्या में स्पर्म प्राप्त होने पर भी विशेषज्ञ उनका उपयोग IVF या ICSI जैसी तकनीकों में कर सकते हैं।

लेकिन इसके लिए पहले समस्या का सही कारण पता लगाना जरूरी है। हर कपल के लिए इलाज का तरीका अलग हो सकता है।

सिर्फ स्पर्म काउंट ही पूरी कहानी नहीं

पुरुषों की फर्टिलिटी जांच अब केवल स्पर्म की संख्या तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर स्पर्म की गुणवत्ता और DNA से जुड़ी जांचों पर भी विचार कर सकते हैं।

कुछ मामलों में Sperm DNA Fragmentation जैसी जांच से अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है, हालांकि यह जांच हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होती और इसका फैसला डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।

पुरुषों को कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर कोई कपल नियमित और बिना गर्भनिरोधक के संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पा रहा है, तो दोनों पार्टनर को मिलकर फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

खासकर अगर पुरुष को पहले से टेस्टिकल्स, हार्मोन, यौन स्वास्थ्य या प्रजनन तंत्र से जुड़ी कोई समस्या रही हो, तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।

शर्म नहीं, समय पर जांच जरूरी

पुरुषों की इनफर्टिलिटी को लेकर शर्म या झिझक के कारण कई लोग जांच कराने में देरी करते हैं। लेकिन फर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिला की जिम्मेदारी नहीं है।

समय पर दोनों पार्टनर की जांच होने से समस्या का कारण जल्दी समझने और उपलब्ध उपचार विकल्पों पर सही तरीके से विचार करने में मदद मिल सकती है।

जरूरी बात

इनफर्टिलिटी के कई कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति का इलाज अलग होता है। किसी भी दवा, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें। अगर गर्भधारण में लगातार परेशानी हो रही है, तो योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

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