
: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री सामने आई है, जिसने फिल्मी पटकथाओं को भी पीछे छोड़ दिया है। मेहगांव थाना क्षेत्र में करीब 10 दिन पहले बंबा (नहर) में मिले एक अज्ञात महिला के क्षत-विक्षत शव की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस खौफनाक हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतका का पति ही निकला, जिसने अपनी 10 साल पुरानी प्रेमिका के दबाव में आकर अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल (Blind Murder) का खुलासा करने में घटनास्थल पर मिले एक फटे हुए रेलवे टिकट और मृतका की साड़ी ने सबसे अहम भूमिका निभाई।
त्रिकोणीय प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी नारायण बघेल ने पूछताछ में जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। नारायण का पिछले 10 सालों से संगीता नामक महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच, करीब तीन साल पहले सूरत में नारायण की मुलाकात इंद्रावती 40 नाम की महिला से हुई। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और नारायण ने एक मंदिर में इंद्रावती से शादी कर ली।
शादी के बाद इंद्रावती लगातार नारायण पर समाज में पत्नी का अधिकार देने का दबाव बना रही थी, जबकि उसकी पुरानी प्रेमिका संगीता को यह मंजूर नहीं था। संगीता लगातार नारायण पर इंद्रावती को अपनी जिंदगी से पूरी तरह से हटाने का दबाव बना रही थी। इस त्रिकोणीय विवाद और रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर नारायण ने खतरनाक रास्ता चुना। उसने अपने दोस्त कुंदन बाथम के साथ मिलकर इंद्रावती की हत्या की एक खौफनाक साजिश रची।
मथुरा से ग्वालियर लाकर गला घोंटा, फावड़े से बिगाड़ा चेहरा
साजिश के तहत नारायण अपनी पत्नी इंद्रावती को घुमाने के बहाने से पहले मथुरा, फिर आगरा और ग्वालियर होते हुए सोनी रेलवे स्टेशन लेकर आया। वहां से दोनों आरोपी उसे एक सुनसान रास्ते पर ले गए। मौका पाकर नारायण ने इंद्रावती का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद, महिला की पहचान पूरी तरह मिटाने के क्रूर इरादे से नारायण के दोस्त कुंदन ने उसके चेहरे पर फावड़े से कई वार किए ताकि कोई उसे पहचान न सके। इसके बाद वे शव को पिपरौली गांव के पास नहर में फेंककर फरार हो गए।
500 CCTV कैमरे और फटे टिकट ने ऐसे पहुंचाया कातिल तक
5 जून को जब पुलिस को महिला का शव मिला, तो चेहरा बुरी तरह कुचला होने के कारण उसकी शिनाख्त करना नामुमकिन था। पुलिस के लिए यह केस एक अबूझ पहेली बन चुका था। लेकिन तभी घटनास्थल की बारीकी से तलाशी लेने पर पुलिस के हाथ एक फटा हुआ रेलवे टिकट लगा। पुलिस ने सावधानी से उस टिकट के टुकड़ों को आपस में जोड़ा, जिससे साफ हुआ कि यह टिकट मथुरा से ग्वालियर के बीच का था।
जांच का टर्निंग पॉइंट: सुराग मिलते ही मेहगांव पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां पुलिस ने स्टेशन और आसपास के करीब 500 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। आखिरकार, एक फुटेज में इंद्रावती अपनी उसी विशिष्ट साड़ी में दिखाई दे गई, जो शव पर मौजूद थी। सीसीटीवी में उसके साथ नारायण और कुंदन भी नजर आ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने हुलिए और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी की।
तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
मेहगांव के एसडीओपी संजय कोच्छा के मुताबिक, पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य आरोपी पति नारायण बघेल, उसके दोस्त कुंदन बाथम और हत्या के लिए उकसाने वाली प्रेमिका संगीता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा और अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। महज 10 दिनों के भीतर इस पेचीदा मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने वाली पुलिस टीम की चारों तरफ सराहना हो रही है।



