भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट जारी है. भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले 24 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार 1.269 अरब डॉलर घटकर 719.7 अरब डॉलर पर आ गया था.

4 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 785.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. उस समय विदेशों में रहने वाले भारतीयों की जमा राशि से जुड़े एक खास स्वैप योजना के कारण देश में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आई थी. इस योजना के तहत बैंकों ने करीब 133 अरब डॉलर जुटाए थे. हालांकि, इसके बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी देखी जा रही है.
विदेशी मुद्रा और सोने के भंडार में भी गिरावट
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी असेट का होता है. 30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में इनमें 2.08 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह घटकर 591.11 अरब डॉलर रह गईं. इन संपत्तियों में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन मुद्राओं की कीमत में होने वाले बदलाव का असर भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है.
गोल्ड की वैल्यू में भी आई कमी
वहीं, देश के सोने के भंडार का मूल्य भी 559 मिलियन डॉलर घटकर 102.5 अरब डॉलर रह गया. स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स में 47 मिलियन डॉलर की कमी आई और यह 18.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत की रिजर्व पोजिशन में 3 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई. यह बढ़कर 4.79 अरब डॉलर हो गई.



