IndiaTrending

सोने से भी कीमती है इस चिड़ियां की लार, महंगे दामों में है बिकती!..

सोने से भी कीमती है इस चिड़ियां की लार, महंगे दामों में है बिकती!..

दुनिया में कई जीव हैं जो अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण जाने जाते हैं. इसी में से एक है स्विफ्टलेट नाम की चिड़ियां. इस चिड़ियां के घोंसले सोने से भी महंगे दाम में बिकते हैं. दरअसल, ये चिड़ियां तिनकों से अपना घोंसला नहीं बनाती. ये बनती है इसके लार से, जो समय के साथ सुखकर ठोस हो जाता है.

आज के समय में गोल्ड की प्राइस आसमान छू रही है. पहले जिन लोगों को हर मौके पर जेवर खरीदने का शौक था, वो भी अब दस बार सोचते हैं. भारत के लोग तो सोने को इन्वेस्टमेंट का बेस्ट तरीका मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी पक्षी है, जिसका घोंसला सोने से भी महंगा है.

दुनिया में कई जीव हैं जो अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण जाने जाते हैं. इसी में से एक है स्विफ्टलेट नाम की चिड़ियां. इस चिड़िया के घोंसले सोने से भी महंगे दाम में बिकते हैं. दरअसल, ये चिड़ियां तिनकों से अपना घोंसला नहीं बनाती. इसके घोंसले बनते हैं ये इसकी लार से, जो समय के साथ सुखकर ठोस हो जाता है.

कितनी कीमत है घोंसले की?
स्विफ्टलेट चिड़िया के घोंसले एशिया के बाजारों में बेहद महंगे दामों पर बिकते हैं. एक किलो शुद्ध घोंसला लाखों रुपये में बिक सकता है. चीन, हांगकांग, सिंगापुर और अन्य देशों में बर्ड नेस्ट सूप के रूप में इसका इस्तेमाल होता है. इसे स्वास्थ्यवर्धक, त्वचा के लिए फायदेमंद और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला माना जाता है.अमीर लोग इसे महंगे रेस्टोरेंट में खाने के लिए पसंद करते हैं.

कैसे बनता है घोंसला?
स्विफ्टलेट चिड़िया अपनी लार (saliva) से घोंसला बनाती है. यह लार हवा में सूखकर ठोस और चिपचिपी हो जाती है. घोंसला कप जैसा आकार का होता है. चिड़िया इसे ऊंची चट्टानों की गुफाओं, अंधेरी जगहों और समुद्री किनारों पर बनाती है. घोंसला बनाने में कई दिन लग जाते हैं. घोंसलों की भारी मांग के कारण इनकी अवैध तस्करी और अंधाधुंध हार्वेस्टिंग हो रही है. कई जगहों पर घोंसले तोड़कर निकाले जाते हैं जिससे चिड़ियों की आबादी घट रही है. कुछ देशों में अब संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं और फार्मिंग (कृत्रिम घोंसला बनाना) को बढ़ावा दिया जा रहा है.

बर्ड नेस्ट सूप का महत्व
यह सूप सदियों से चीनी परंपरा में इस्तेमाल होता है. इसमें प्रोटीन, अमीनो एसिड और खनिज भरपूर होते हैं. इसे खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन असली घोंसला महंगा होने से कई नकली प्रोडक्ट भी बाजार में आ गए हैं. भारत में भी कुछ क्षेत्रों में स्विफ्टलेट चिड़ियां पाई जाती हैं लेकिन घोंसले की हार्वेस्टिंग सीमित है. मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में यह व्यापार फल-फूल रहा है.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply