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शनि की ये अंगूठी इन राशियों के लिए है सुरक्षा कवच, रंक से राजा बनाने की है शक्ति; बस जान लें पहनने का सही नियम!

Satya Report: शनि की असीम कृपा पाने और उनके प्रकोप से बचने के लिए लोहे का छल्ला पहनना अचूक उपाय माना जाता है। कहते हैं ये साधारण सी अंगूठी रंक से राजा बनाने की शक्ति रखती है।

शनि की ये अंगूठी इन राशियों के लिए है सुरक्षा कवच, रंक से राजा बनाने की है शक्ति; बस जान लें पहनने का सही नियम!

 ज्योतिष शास्त्र अनुसार लोहे का छल्ला सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। कहते हैं जिन पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही हो उनके लिए ये छल्ला पहनना अत्यंत ही शुभ साबित हो सकता है। कहते हैं इसे धारण करने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है और मानसिक शांति मिलती है। लेकिन हर किसी को ये अंगूठी सूट नहीं करती। यहां हम आपको उन 5 राशियों के बारे में बताएंगे जिनके लिए लोहे का छल्ला पहनना शुभ साबित हो सकता है।

ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार, लोहे का छल्ला जिन लोगों को सूट कर जाता है उनके जीवन में सुख-सुविधाओं की कभी कमी नहीं होती। ऐसे लोगों पर शनि देव की विशेष कृपा रहने के कारण शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या का भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। ये अंगूठी रंक को राजा बनाने की ताकत रखती है। .

किन राशियों के लिए शुभ है लोहे का छल्ला

कुंभ और मकर राशि वालों के लिए लोहा शुभ धातु मानी जाती है क्योंकि इन राशियों के स्वामी शनि देव हैं। ज्योतिष में लोहा शनि की ही धातु मानी जाती है, जिस कारण से मकर और कुंभ राशि वालों को लोहे का छल्ला काफी ज्यादा सूट करता है। इसके अलावा ये अंगूठी कर्क, वृश्चिक और मीन वालों के लिए भी उत्तम मानी जाती है।

लोहे की अंगूठी पहनने के नियम

  • लोहे की अंगूठी शनिवार के दिन धारण करनी चाहिए।
  • शनिवार की सुबह लोहे के छल्ले को एक कटोरी सरसों के तेल या तिल के तेल में डुबोकर रख दें।
  • इसके बाद शाम में शनि देव की पूजा करें और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • फिर इस अंगूठी को अपनी बीच वाली उंगली में धारण करें। इस बात का ध्यान रखें कि ये अंगूठी शनिवार को सूर्यास्त के बाद धारण करनी चाहिए।

सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं ये अंगूठी

  • ऐसा कहा जाता है कि लोहे की अंगूठी बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाती है।
  • जो लोग बार-बार बीमार पड़ते रहते हैं उनके लिए यह स्वास्थ्य रक्षक का काम करती है।
  • शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या के बुरे प्रभावों से बचाती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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