
30 September Deadline: सितंबर का आखिरी दिन कई जरूरी वित्तीय और बैंकिंग बदलावों से जुड़ा हुआ है। 30 September को कुछ सुविधाओं या मौजूदा नियमों से जुड़ी समयसीमा खत्म हो रही है, जबकि कुछ मामलों में सरकार या संबंधित संस्थाएं पहले ही नई तारीख घोषित कर चुकी हैं। ऐसे में लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सा काम वास्तव में आज तक करना है और किसकी समयसीमा आगे बढ़ चुकी है। LPG सब्सिडी से जुड़े बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, टैक्स ऑडिट, ATM ट्रांजैक्शन, NPS से जुड़े शुल्क और छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को लेकर 30 September महत्वपूर्ण तारीख है। हालांकि हर बदलाव सभी लोगों पर लागू नहीं होगा, इसलिए अपने खाते या योजना से जुड़े नियम जरूर जांच लें।
LPG सब्सिडी और टैक्स ऑडिट की डेडलाइन पर नजर
LPG सब्सिडी का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की समयसीमा 30 September बताई गई है। यानी जिन लोगों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अपनी पात्रता और संबंधित गैस कंपनी के निर्देशों की जांच करनी चाहिए। दूसरी ओर, टैक्स ऑडिट कराने वाले टैक्सपेयर्स को लेकर भी 30 September की तारीख चर्चा में है। हालांकि सरकार ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी है। इसलिए ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं को आज की तारीख को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नई समयसीमा तक प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। टैक्स से जुड़े मामलों में लागू नियम और अपनी श्रेणी के अनुसार अंतिम तारीख की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
SBI और WhatsApp Business यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
बैंकिंग ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से कुछ बदलाव लागू होने की जानकारी है। भारतीय स्टेट बैंक के सैलरी पैकेज खातों से जुड़े ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM और ऑटोमेटेड डिपॉजिट-कम-विड्रॉल मशीनों पर मिलने वाली मुफ्त ट्रांजैक्शन सीमा में बदलाव बताया गया है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक यह सीमा 10 से घटकर 5 ट्रांजैक्शन हो सकती है। इसी तरह WhatsApp Business से जुड़े पेमेंट सिस्टम को लेकर भी 30 सितंबर महत्वपूर्ण तारीख बताई गई है। 1 अक्टूबर से ग्राहक सहायता से जुड़ी 24 घंटे की मुफ्त सुविधा खत्म होने और कुछ सेवाओं पर शुल्क लागू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि इन बदलावों की सटीक लागू शर्तें सेवा प्रदाता के नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं।
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में नए PRAN के लिए 1 अक्टूबर से PoP के जरिए खाता खोलने पर ऑनबोर्डिंग शुल्क में बदलाव प्रस्तावित है। ऑफलाइन प्रक्रिया में यह शुल्क 200 रुपये और डिजिटल प्रक्रिया में 100 रुपये होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा PoP के लिए सालाना 0.20 प्रतिशत AUM शुल्क का प्रावधान भी बताया गया है। वहीं 30 सितंबर को PPF, Senior Citizen Savings Scheme, Sukanya Samriddhi Yojana और दूसरी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा से भी निवेशकों की नजरें जुड़ी हैं। नई दरें तय होने पर उनका असर अगली तिमाही में पड़ सकता है। इसलिए 30 सितंबर को खत्म होने वाली समयसीमाओं के साथ 1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों पर भी नजर रखना जरूरी है।



