
जयपुर. सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से ठगी करने वाले शातिर आरोपी को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी अलग-अलग नामों से फेसबुक प्रोफाइल बनाकर कभी RTU का प्रोफेसर, कभी इंजीनियर, कभी पुलिसकर्मी और कभी नर्सिंग अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने करीब दो दर्जन ठगी और लूट की वारदातें कबूल की हैं.
पुलिस के अनुसार आरोपी अरुण शर्मा सोशल मीडिया पर सुनील मीणा, सुनील शर्मा और विजय शर्मा जैसे अलग-अलग नामों से फर्जी प्रोफाइल बनाता था. अपनी प्रोफाइल में वह खुद को RTU का इंजीनियर-प्रोफेसर बताकर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों और प्रोफेसरों से दोस्ती करता था. बातचीत बढ़ने के बाद वह फेल छात्रों को पास कराने, नंबर बढ़वाने और बैक व रीवैल्यूएशन से जुड़े काम कराने का झांसा देता था. इसके बदले पीड़ितों से बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा लेता था.
पैसे लेने के बाद बन जाता था नकली पुलिसकर्मी
आरोपी की ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था, रकम लेने के बाद वह पीड़ित का पता हासिल कर लेता था और फिर खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसके घर पहुंच जाता था. कभी गांधी नगर थाने तो कभी स्पेशल स्टाफ का कर्मचारी बनकर वह गिरफ्तारी का डर दिखाता था. आरोपी पीड़ितों से कहता था कि जिस व्यक्ति को उन्होंने पैसे दिए हैं, वह अपराधी है और अब वे भी जेल जा सकते हैं. इसी डर का फायदा उठाकर वह दोबारा नकदी वसूलता था. जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को नर्सिंग अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर भी लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था. इसके अलावा सट्टा कारोबारियों को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर स्पेशल स्टाफ का पुलिसकर्मी बनकर वसूली करने का भी आरोप है. पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ नौकरी दिलाने, पुलिसकर्मी बनकर वसूली, मारपीट और धोखाधड़ी के कई मामले पहले से दर्ज हैं.
तकनीकी जांच के बाद गिरफ्तारी
मुहाना थाना पुलिस की विशेष टीम ने CCTV फुटेज, फर्जी फेसबुक आईडी, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की. जांच के बाद पुलिस ने ब्रह्मपुरी इलाके से अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने करीब दो दर्जन वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है.


