रिलायंस जियो की लिस्टिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. बुधवार को करीब 10 बजे कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी. उससे पहले मुकेश अंबानी को एक और गुड न्यूज मिल गई है. टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रिलायंस जियो ने सितंबर महीने में 27.13 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़े. यह भारती एयरटेल के 26.92 लाख नए ग्राहकों से अधिक है. भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के मासिक आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में वोडाफोन आइडिया ने 5.50 लाख और सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड ने 6.26 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़े. सितंबर के अंत में जियो के मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 51.11 करोड़ हो गई, जबकि एयरटेल के ग्राहक 49.43 करोड़ रहे. वोडाफोन आइडिया के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 20 करोड़ से अधिक और बीएसएनएल की 9.43 करोड़ रही. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं…

जियो की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
आंकड़ों के मुताबिक, देश में वायरलेस मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या सितंबर के अंत में 65.74 लाख बढ़कर करीब 130 करोड़ हो गई, जो अगस्त के अंत में 129.34 करोड़ थी. इस दौरान मासिक वृद्धि दर 0.51 प्रतिशत रही. मोबाइल ग्राहक बाजार में जियो की हिस्सेदारी सर्वाधिक 39.32 प्रतिशत रही. इसके बाद एयरटेल की 38.02 प्रतिशत और वोडाफोन आइडिया की 15.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कनेक्शन सहित देश में वायरलेस ग्राहकों की कुल संख्या सितंबर में 69.41 लाख बढ़कर 131.92 करोड़ हो गई. वहीं, वायरलाइन कनेक्शन सहित कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या बढ़कर 136.79 करोड़ पहुंच गई. सितंबर के अंत में सक्रिय वायरलेस मोबाइल ग्राहकों की संख्या 121.28 करोड़ थी. इस दौरान 1.68 करोड़ ग्राहकों ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सुविधा के लिए अनुरोध किया.
इस मोर्चे पर एयरटेल आगे
ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, देश में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या अगस्त के 110.12 करोड़ से बढ़कर सितंबर में 110.77 करोड़ हो गई. इसमें मासिक आधार पर 0.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, मशीनटूमशीन मोबाइल कनेक्शन की संख्या बढ़कर सितंबर के अंत में 14.4 करोड़ हो गई जबकि अगस्त 2026 के अंत में यह करीब 14 करोड़ थी. एम2एम कनेक्शन में एयरटेल की हिस्सेदारी सबसे अधिक 61.16 प्रतिशत रही. इसके बाद रिलायंस जियो की 19.29 प्रतिशत, वोडाफोन आइडिया की 16.14 प्रतिशत और बीएसएनएल की 3.41 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. एम2एम कनेक्शन के जरिए स्मार्ट मीटर, वाहन ट्रैकिंग उपकरण और औद्योगिक मशीनें खुद ही डेटा का आदानप्रदान करती हैं.



