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​Bijnor Patakha Factory Raid: बिजनौर में पटाखा फैक्टरी पर छापा, लाइसेंस से ज्यादा मिला बारूद, सुतली बम के साथ कारतूस बनाने का खुलासा

Bijnor Patakha Factory Raid: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने एक पटाखा फैक्टरी पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के चौकपुरी गांव की बजरंग फायर वर्क्स फैक्टरी में पुलिस, राजस्व विभाग, फायर विभाग और फील्ड यूनिट की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। 

​Bijnor Patakha Factory Raid: बिजनौर में पटाखा फैक्टरी पर छापा, लाइसेंस से ज्यादा मिला बारूद, सुतली बम के साथ कारतूस बनाने का खुलासा

कई गुना ज्यादा विस्फोटक सामान मिला

जांच के दौरान फैक्टरी में लाइसेंस में तय सीमा से कई गुना ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली। यहां 39 कुंतल 59 किलो तैयार सुतली बम भी रखे हुए थे। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

548 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद

फैक्टरी की तलाशी के दौरान 130 किलो एल्युमिनियम पाउडर, 559 किलो गंधक और 548 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक यह सामग्री विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होती थी। इसके अलावा बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे भी मिले। बरामद सामग्री को सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित स्थान पर रखवाकर सील कर दिया गया। फील्ड यूनिट ने भी जांच के लिए विस्फोटक सामग्री के नमूने लिए हैं।

पटाखों के साथ कारतूस बनाने का भी खुलासा

कार्रवाई के दौरान पुलिस को फैक्ट्री में कारतूस बनाने के सबूत भी मिले। मौके से 315 बोर के 11 जिंदा कारतूस और 16 खोखे बरामद हुए। वहीं 32 बोर के 2 जिंदा कारतूस और 7 खोखे भी मिले। इसके साथ कारतूस बनाने में इस्तेमाल होने वाले पेचकस, कटर, पीतल की पत्ती, पीतल के टुकड़े और लोहे के उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार कच्चे माल को मिलाकर कारतूस तैयार किए जाते थे।

किराये की फैक्टरी में चल रहा था काम

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फैक्टरी किराये पर लेकर सुतली बम और कारतूस बनाने का काम किया जा रहा था। पूछताछ में महाराष्ट्र के उस्मानाबाद निवासी अमजद का नाम सामने आया, जो कच्चा माल उपलब्ध कराता और तैयार माल खरीदता था। वहीं गुफरान के भाई रिजवान अहमद अंसारी के कारोबार में पैसा लगाने की बात भी सामने आई है।

2 गिरफ्तार, 4 और नाम सामने आए

पुलिस ने मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी को गिरफ्तार किया है। मामले में विस्फोटक अधिनियम, आयुध अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्टरी में तैयार माल कहां सप्लाई किया जाता था और इस पूरे नेटवर्क से और कौनकौन लोग जुड़े हुए हैं।

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