
गोरखपुर, अमृत विचार : कक्षा 4 के एक छात्र के लिए मोबाइल फोन अभिशाप बन गया। मोबाइल की लत से उसका व्यवहार बदला और उससे जो हरकत हुई, उसका दंश उसको और उसके परिवार को झेलना पड़ा रहा है। छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया है।
कक्षा 4 के इस छात्र पर आरोप है कि उसे मोबाइल की लत लग गई, वह मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने लगा। वीडियो का उसके दिमाग पर इतना गहरा असर हुआ कि उसने अपनी सात साल की बहन के साथ आपत्तिजनक हरकत कर दी। जिसे उसकी मां ने देख लिया। मां ने बच्चे को समझाया और मोबाइल न देखने की हिदायत दी। जिससे बच्चा चिड़चिड़ा होने लगा, बाद में परिवार के लोग छात्र को लेकर मनोचिकित्सक के पास पहुंचे। जहां छात्र का उपचार और काउंसिलिंग चल रही है।
गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में छात्र कर रहा था पढ़ाई
परिवार के लोगों ने बताया कि बच्चा सिविल लाइंस स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहा था, वहां ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान उसे मोबाइल फोन दिया गया था, करीब 6 महीने बाद मोबाइल को लेकर उसकी जिद बढ़ती गई। मोबाइल न मिलने पर लगातार रोना उसकी आदत बनती जा रही थी, साथ ही वह चिड़चिड़ा भी होता जा रहा था, परिवार उसकी इस हालत को देख परेशान होता था।
कक्षा 4 का छात्र बाथरूम में लेकर जाता था मोबाइल
बाथरूम में छात्र मोबाइल फोन को लेकर जाता था, जहां वह काफी देर तक समय बिताता था। परिजनों को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उन्होंने फोन देखा तो उसमें पोर्न वेबसाइट खुली हुई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने बहुत कोशिश की, लेकिन बच्चे के व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया।
स्कूल से निकाला गया
बताया जा रहा है कि यह सबकुछ चल ही रहा था कि इसी बीच स्कूल प्रबंधन ने परिवार के लोगों को बुलाया। परिवार के पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने जो बात बताई उसने सबके होश उड़ा दिये। छात्र ने स्कूल में अपनी ही टीचर की अश्लील फोटो बना दी। साथ ही उसके साथ पढ़ने वाले छात्रों ने उसके अनुचित व्यवहार की शिकायत की। बाद में स्कूल प्रबंधन ने छात्र को स्कूल से निकाल दिया और उसका उपचार कराने की सलाह परिजनों को दी।
क्या कहते हैं डॉक्टर
मनोचिकित्सक के मुताबिक कम उम्र में यदि बच्चे को अश्लील सामग्री देखने को मिलेगी। तो उसके व्यवहार में बदलाव होगा, उसमें दिक्कतें आने की संभावना अधिक होती है। हालांकि इस मामले में बच्चे की जांच काउंसिलिंग आदि के बाद ही सही और सटीक निष्कर्ष पर आया जा सकता है। इसके अलावा चिकित्सकों ने बच्चों के मोबाइल उपयोग पर भी निगाह रखने की सलाह दी है।

