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​राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने जितेंद्र मिश्रा, पैतृक गांव में बंटी मिठाई, मना जश्न… क्या बोले लोग?

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले पूर्व एयर चीफ मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किए जाने के बाद उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है. बनकटा ब्लॉक के भोपतपुरा गांव में लोग इस उपलब्धि पर जश्न मना रहे हैं और इसे पूरे देवरिया जिले के लिए गौरव की बात बता रहे हैं.

गांव में मनाई जा रही खुशी

जितेंद्र मिश्रा के राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनाए जाने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव भोपतपुरा में खुशी की लहर दौड़ गई. गांव के लोग एकदूसरे को बधाई दे रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि देवरिया के एक बेटे को राम मंदिर ट्रस्ट जैसी महत्वपूर्ण संस्था में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना जिले के लिए गर्व की बात है.

गांव में जितेंद्र मिश्रा के भाई और चाचा रामप्यारे मिश्रा रहते हैं, जबकि उनका पूरा परिवार दिल्ली में रहता है. गांव के लोगों का कहना है कि जितेंद्र मिश्रा ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर चीफ मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है. CEO के चयन के लिए एक सर्च कमेटी बनाई गई थी. कमेटी ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों की छंटनी के बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा. इसके बाद बुधवार को हुई अहम बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई. इस नियुक्ति के बाद अब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी.

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी निभाई अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल हैं. उनके सैन्य करियर को देखते हुए भी उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बताया गया है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था. उनके लंबे सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.

परिवार में खुशी का माहौल

जितेंद्र मिश्रा के राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनने से उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है. उनके गांव में रहने वाले चाचा रामप्यारे मिश्रा और अन्य रिश्तेदार इसे अपने लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं. परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि जितेंद्र मिश्रा की उपलब्धि से भोपतपुरा गांव के साथसाथ पूरे देवरिया जिले का नाम भी रोशन हुआ है. गांव के लोग उम्मीद जता रहे हैं कि वह राम मंदिर से जुड़ी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और कुशलता के साथ निभाएंगे.

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