
मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी नेता चौधरी लक्ष्मीनारायण के रालोद, जाट समाज और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान पर राष्ट्रीय लोक दल ने पलटवार किया है। रालोद के मथुरा जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रमुख ने मंत्री के बयान को आपत्तिजनक और गठबंधन धर्म की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी से कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होता है और सहयोगी दलों के बीच गलतफहमियां पैदा होती हैं।
प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 62 सीटें जीती थीं, जबकि 2024 में उसके प्रदर्शन में कमी आई और 75 सीटों पर चुनाव लड़कर उसे 33 सीटों पर जीत मिली। इसके विपरीत रालोद ने 2024 के चुनाव में अपने हिस्से की दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव नए मुद्दों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के आधार पर लड़ा जाता है।
‘चौधरी परिवार के योगदान को न भूलें’
उन्होंने कहा कि मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोक दल से की थी। उनके अनुसार चौधरी परिवार की तीन पीढ़ियों ने अलगअलग समय पर श्री चौधरी को चुनाव लड़ाया, इसलिए उन्हें रालोद और चौधरी परिवार के योगदान के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। रालोद को किसी एक वर्ग की पार्टी बताए जाने पर श्री सिंह ने कहा कि पार्टी किसानों, गरीबों, मजदूरों और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने मंत्री से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय क्षेत्र के किसानों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से बंद पड़ी छाता चीनी मिल को शुरू कराने की दिशा में काम करने की सलाह दी।
अखिलेश यादव को लेकर भी साधा निशाना
प्रीतम सिंह ने मंत्री द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह मंत्री अखिलेश यादव की ‘वकालत’ कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वह अपनी विधानसभा टिकट को लेकर आशंकित हैं और सपाकांग्रेस गठबंधन के साथ राजनीतिक तालमेल की कोशिश कर रहे हैं। रालोद जिलाध्यक्ष ने कहा कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में रालोद एनडीए की मजबूत सहयोगी है और आगामी विधानसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे।



