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​मायावती का बड़ा फैसला: BSP में परिवारवाद पर लगेगी रोक, युवाओं और सर्वसमाज को मिलेगी प्राथमिकता

​मायावती का बड़ा फैसला: BSP में परिवारवाद पर लगेगी रोक, युवाओं और सर्वसमाज को मिलेगी प्राथमिकता

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी संगठन और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी में युवाओं, खासकर जेनजी को संगठन में करीब 50 प्रतिशत तक भागीदारी देने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों समेत अन्य चुनावों में भी सर्वसमाज के कर्मठ और युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर अमल किया जा रहा है।

जेनजी और युवा प्रतिभाओं को संगठन में बढ़ेगी भागीदारी

मायावती के मुताबिक, नई पीढ़ी के जरिए देश में अपेक्षित अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मानवतावादी, समतामूलक और सेक्युलर उद्देश्यों को जमीन पर लागू करने तथा सभी वर्गों के लोगों के विकास के लिए पार्टी काम कर रही है।

उन्होंने अपने बयान में उत्तर प्रदेश में बीएसपी की चार सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन सरकारों में कानून के राज के साथ जनहित, जनकल्याण और विकास के मामलों में बेहतर काम किया गया।

सड़क, बिजली, पानी से लेकर शिक्षास्वास्थ्य पर जोर

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि पार्टी की सरकारों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ सरकारी नौकरी, रोजगार, स्कूल, अस्पताल और शहरीग्रामीण विकास पर काम किया गया। उनके मुताबिक, जेनजी और जेनअल्फा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी कई स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, छात्रावास, ट्रेनिंग सेंटर और पार्क स्थापित किए गए।

मायावती ने दावा किया कि इन प्रयासों से लोगों का मजबूरी में होने वाला पलायन भी काफी हद तक रुका था।

https://twitter.com/Mayawati/status/2098703932608721183?s=20

2012 में सत्ता में न लौटने का जताया जिक्र

मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों के कथित जातिवादी रवैये के कारण बीएसपी वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार नहीं बना सकी। उन्होंने कहा कि इसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अब भी है।

उन्होंने प्रदेश में कानूनव्यवस्था और विकास को लेकर मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि केवल विकास का सरकारी प्रचार लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।

उम्मीदवार चुनते समय युवाओं और महिलाओं को भी प्राथमिकता

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीएसपी उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने युवा वर्ग को भी उम्मीदवार चयन में तरजीह देने की बात कही, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हों।

परिवारवाद को लेकर मायावती का बड़ा ऐलान

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के कारवां को आगे बढ़ाकर सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने और बहुजन समाज को अपने उद्धार के लिए सक्षम बनाने के मिशन में वह किसी भी तरह की रुकावट स्वीकार नहीं करेंगी।

उन्होंने कहा कि अपने सगे भाईबहनों और उनके परिवार के युवा सदस्यों तथा नजदीकी रिश्तेदारों को उन्होंने पार्टी के काम तक सीमित रखा और उन्हें सांसद, विधायक, मंत्री या अन्य राजनीतिक लाभ के पदों से दूर रखा।

आनंद कुमार के परिवार को लेकर भी स्पष्ट किया रुख

मायावती ने कहा कि अविवाहित होने के कारण अपनी सुरक्षा और देखभाल के लिए उन्हें अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखना पड़ा। उन्होंने कहा कि आनंद कुमार उनकी देखरेख के साथसाथ उनकी निगरानी में लंबे समय से पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंद कुमार के परिवार के सदस्यों को इसका राजनीतिक लाभ मिलना पार्टी और आंदोलन के हित में उचित नहीं होगा।

आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं

मायावती ने कहा कि उनका अंतिम फैसला और प्रतिज्ञा है कि आनंद कुमार के खासकर किसी भी बेटे को बीएसपी में किसी छोटेबड़े पद पर रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि आनंद कुमार को उनकी मदद के लिए परिवार के किसी अन्य सदस्य की जरूरत पड़ती है तो वह अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। मायावती के अनुसार, दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। उनकी ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए भविष्य में पार्टी में उन्हें जरूरत के मुताबिक जिम्मेदारी दी जा सकती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आनंद कुमार अपने दोनों बेटों और आगे उनके बच्चों को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपेंगे।

बेटी तैयार नहीं हुई तो मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी

मायावती ने कहा कि यदि दीपिका आनंद भविष्य में यह जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं होती हैं तो पार्टी की आम सहमति से दलित वर्ग के किसी अन्य मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उन्होंने दोहराया कि आनंद कुमार के बेटों या उनके बच्चों को यह जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

मायावती ने कहा कि यह समय की जरूरत है और पार्टी के हित में भी है।

कांशीराम की तरह परिवारवाद से दूर रहने का दावा

मायावती ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जिस तरह परिवारवाद के खिलाफ कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते वह भी उसी रास्ते पर पूरी तरह डटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह लड़की नहीं होतीं तो अपने भाईबहनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखतीं।

उन्होंने कहा कि महिला होने के कारण सुरक्षा संबंधी परेशानियों से मुक्त होकर और पूरे सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ने के लिए उन्हें मजबूरी में अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को साथ रखना पड़ा। मायावती ने कहा कि अब उनके भाई के बच्चों के बड़े और शादीशुदा होने के बाद उन्हें भी काफी कुछ झेलना पड़ रहा है, लेकिन वह किसी मोह के कारण पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचने देंगी।

संगठन और सरकार में एक व्यक्ति को मौका, परिवार को नहीं

मायावती ने कहा कि पार्टी संगठन और भविष्य में सरकार बनने पर भी किसी व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने की स्थिति में उसकी आड़ में उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बीएसपी को आगे परिवारवाद से मुक्त रखना जरूरी है, ताकि सर्वसमाज के अधिक से अधिक लोग सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के आंदोलन से जुड़ सकें।

पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रोपेगेंडा से सावधान रहने की अपील

बीएसपी प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बीएसपी विरोधी पार्टियों और संगठनों के साथसाथ जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के कथित विषैले, साजिशी, प्रायोजित और पेड प्रोपेगेंडा से सावधान रहने को कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रयासों का मकसद बीएसपी को उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने से रोकना है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपने अंबेडकरवादी मिशन में पूरी ताकत से जुटे रहने की अपील की।

निष्कासित नेताओं की वापसी की खबर को बताया फेक न्यूज

मायावती ने सोशल मीडिया पर बीते कुछ दिनों से चल रही उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बीएसपी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जाएगा।

उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और मिथ्या प्रचार बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को बीएसपी में कतई वापस नहीं लिया जाएगा।

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