प्रोटीन को लेकर अब भारत में भी काफी हद तक लोग जागरुक हो रहे हैं और इसी के साथ मार्केट में भी लोगों ने अलगअलग प्रोडक्ट उतारने शुरू कर दिए हैं. चाय से लेकर चिप्स और कुकीज तक में प्रोटीन का दावा किया जाता है, लेकिन क्या वाकई इसमें इतना प्रोटीन होता है जो टोफू, पनीर, अंडा, सोयाबीन, दालों जैसी चीजों को रिप्लेस कर दे. सबसे जरूरी चीज कि हमें किसी भी न्यूट्रिएंट्स के लिए रेडीमेड की जगह नेचुरल फूड्स पर ही निर्भर रहना चाहिए और अगर जरूरत पड़ने पर आप मार्केट में मिलने वाले प्रोटीन वाली चीजें खाते हैं तो इसे खरीदने से पहले पैकेट पर चार चीजें जरूर चेक करनी चाहिए.

बाजार में आज के समय में प्रोटीन पाउडर ही नहीं, बल्कि ब्रेड से लेकर चिप्स, कुकी, चाय, कैंडी तक मौजूद है, जिनमें प्रोटीन होने का दावा किया जाता है. ऐसे में आपको ये सारी चीजें सुपर मार्केट या किसी भी दुकान से खरीदते वक्त दिशा निर्देशों में कुछ चीजें जरूर देखनी चाहिए. इस बारे में बता रहे हैं प्रसिद्ध सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट, हेल्थ कोच रयान फर्नांडो.
क्या असली प्रोटीन का कोई मुकाबला है?
न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो अपने वीडियो में कहते हैं कि प्रोटीन चाय, प्रोटीन ब्रेड, प्रोटीन कुकी, प्रोटीन चिप्स और यहां तक अब तो प्रोटीन पानी भी आ गया है, लेकिन एक न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में, मैं कैसे मानूं कि यह असली प्रोटीन है जो अंडे, चिकन, पनीर, टोफू को रिप्लेस कर सकता है? वह कहते हैं कि ये प्रोडक्ट कभीकभी आपके काम आ सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद इनको खरीदने से पहले पांच चीजें जरूर चेक करनी चाहिए.
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मुख्य प्रोटीन सोर्स क्या है?
आपको प्रोटीन का दावा करने वाले कोई भी फूड पैकेट के पीछे लिखी डिटेल में पहली चीज चेक करनी है कि प्रोटीन का असल सोर्स क्या है. यानी क्या ये प्रोटीन प्लांट बेस्ड है, दूध से मिल रहा है या फिर अंडे से मिलने वाला है. क्या ये पूरा प्रोटीन है या फिर उसमें पाम, मैदा स्टार्च भी लिखा है, तो इसे वापस कर दो, क्योंकि ये प्रोटीन नहीं है.
शुगर तो नहीं है?
इन प्रोटीन रिच प्रोडक्ट पर आपको दूसरी सबसे जरूरी चीज चेक करनी है कि कहीं उसमें शुगर की मात्रा ज्यादा तो नहीं है. लेबल पर किसी भी तरह से चीनी का जिक्र तो नहीं किया गया है जैसे लिक्विड ग्लूकोज, कॉर्न सिरप, फ्रुक्टोज सिरप. अगर ऐसा लिखा है तो यो खतरनाक वाली चीज है. माल्टोडेक्सट्रिन, यह टेबल शुगर से भी तेज आपके ब्लड शुगर को बढ़ाता है. अगर उसमें ये मेंशन है कि ये खजूर जैसी प्राकृतिक चीनी है तो आप ले सकते हैं.
कैलोरी और प्रोटीन का अनुपात?
प्रोटीन वाले ये प्रोडक्ट खरीदते वक्त आपको एक चीज और चेक करनी होती है कि उसमें कैलोरी और प्रोटीन का अनुपात यानी रेशियो कितना है. इसका एक सरल नियम है कि 10 ग्राम प्रोटीन लगभग 150 से 180 कैलोरी में आना चाहिए. अगर 10 ग्राम में प्रोटीन और 300 कैलोरी बार, वह तो प्रोटीन बार नहीं, बल्कि शुगर और फैट बम है.
चौथी जरूरी बात रखें ध्यान
प्रोटीन प्रोडक्ट को खरीदते वक्त कौन सी जरूरी चीजें चेक करना हैं वो तो हमने देख ही लिया है, लेकिन सबसे जरूरी चीज को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि इस इफेक्ट का शिकार मत बनिए. बाजार वाले प्रोटीन पर निर्भर न रहें बल्कि 80 प्रतिशत इसकी जरूरत से ही करनी चाहिए. यही आपके लिए सबसे हेल्दी विकल्प होता है.
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जरूरत के मुताबिक लें प्रोटीन
प्रोटीन की मात्रा के बारे में भी हमें सही जानकारी होना जरूरी है, जिस तरह से इसकी कमी आपकी सेहत को नुकसान पहु्ंचाती है, ठीक उसी तरह से ज्यादा प्रोटीन का इनटेक भी नुकसानदायक होता है. न्यूट्रिशनिस्ट गीतिका चोपड़ा का कहना है कि प्रोटीन की जरूरत उम्र, जेंडर, मेडिकल कंडीशन, फिजिकल एक्टिविटी के हिसाब से अलगअलग होती हैं. जैसे एक नॉर्मल हेल्दी व्यस्क इंसान को अपनी बॉडी वेट के मुताबिक, Per kg. के हिसाब से प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए, जैसे अगर आप 50 किलो के हैं तो तकरीबन 40 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी. हालांकि आपका लाइफस्टाइल कैसा है ये इस बात पर भी निर्भर करता है.



