
बाराबंकी: अमृत विचार: जिले में बीते दो दिनों से जारी बारिश और तेज हवाओं ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। पेड़ और बिजली के पोल गिरने के साथ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, प्रतिकूल मौसम के दौरान तीन लोगों की मौत, आठ लोग घायल और पांच पशुहानि की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा 217 पेड़ और 210 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 55 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन के मुताबिक, जनहानि की घटनाएं रामसनेहीघाट, रामनगर और फतेहपुर तहसील क्षेत्र में एकएक हुई हैं।
217 पेड़ हटाकर रास्ते कराए गए साफ
तेज हवा और बारिश के कारण अलगअलग मार्गों पर गिरे सभी 217 पेड़ों को संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने हटवा दिया। पेड़ हटने के बाद प्रभावित रास्तों पर आवागमन बहाल कराया गया।
वहीं, जिले में 210 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह विद्युत लाइनें भी प्रभावित हुई हैं। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति सामान्य करने में जुटी हैं।
प्रभावित परिवारों के सर्वे का काम पूरा
प्रतिकूल मौसम से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति का सर्वे पूरा करा लिया है। प्रशासन के अनुसार पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अहैतुक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया संबंधित तहसीलों में चल रही है।
अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बहाली की कार्रवाई शुरू करा दी थी। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति का सर्वे पूरा हो चुका है और पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता देने की कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटवाकर आवागमन सुचारु कराया गया है। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और लाइनों की मरम्मत का काम तेजी से कर रही हैं।
किसानों की फसल का भी होगा सर्वे
बारिश और प्रतिकूल मौसम से किसानों की फसलों को हुई संभावित क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को फसल क्षति का नियमानुसार परीक्षण और अभिलेखीकरण करने को कहा गया है, ताकि पात्र किसानों को अनुमन्य सहायता और अन्य लाभ समय से मिल सकें।
टूटे तार और बिजली पोल से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को क्षतिग्रस्त बिजली पोल और टूटे तारों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन के मुताबिक, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बहाली का काम जारी है।
आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन:
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 05248226017, 9454418880
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