
मुंबई, महाराष्ट्र: शहर में खुले में कचरा फेंकने वालों पर लगाम लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने AI तकनीक से लैस स्मार्ट कैमरे लगाने शुरू किए हैं। ये कैमरे कचरा फेंकने की गतिविधि पहचानते ही लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को चेतावनी देंगे।
महिम में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
यह व्यवस्था फिलहाल महिम के डॉ. रायकर मार्ग स्थित गजानन वाटिका में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाई गई है। यह इलाका उन स्थानों में शामिल है, जहां बार-बार कचरा फेंके जाने की शिकायत मिलती है। BMC के G/North वार्ड में ऐसे 23 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं।
कैसे काम करेंगे AI कैमरे?
कैमरे और सेंसर संदिग्ध गतिविधि पहचानते ही सक्रिय हो जाएंगे। इसके बाद लाउडस्पीकर से आवाज के जरिए व्यक्ति को सार्वजनिक जगह पर कचरा न फेंकने और सफाई बनाए रखने की चेतावनी दी जाएगी। सिस्टम में CCTV निगरानी की जानकारी भी दी जाएगी।
500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, फुटपाथों और बगीचों में कचरा फेंकने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। BMC की योजना शहर के करीब 283 से 286 संवेदनशील कचरा स्थलों पर इस तकनीक का विस्तार करने की है।
गलत अलर्ट को लेकर भी चिंता
इस पहल को लेकर नागरिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि कैमरे के पास से गुजरने वाले व्यक्ति को भी चेतावनी मिल सकती है। BMC फिलहाल इस सिस्टम की प्रभावशीलता का आकलन कर रही है।
महानगरपालिका का उद्देश्य तकनीक की मदद से खुले में कचरा फेंकने की घटनाओं को रोकना और मुंबई के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर BMC की ओर से साझा की गई जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।



