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​​​​​मिलने का मैसेज आया, रुबीना​​​ घर से निकली और फिर कभी नहीं लौटी… तीन दिन बाद गन्ने के खेत में मिला शव

​​​​​मिलने का मैसेज आया, रुबीना​​​ घर से निकली और फिर कभी नहीं लौटी… तीन दिन बाद गन्ने के खेत में मिला शव

बागपत में रुबीना की कहानी एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। करीब तीन दिन तक उसकी तलाश चलती रही। परिवार को उम्मीद थी कि वह लौट आएगी, लेकिन जब वाजिदपुर-बिजरौल रोड के पास गन्ने के खेत में उसका शव मिला तो सारी उम्मीदें टूट गईं।

परिजनों के मुताबिक, रुबीना की शादी करीब तीन साल पहले अलीशान से हुई थी। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला अदालत तक पहुंच गया। दहेज से जुड़ा मुकदमा चल रहा था और परिवार का कहना था कि 26 तारीख को इस मामले में फैसला आना था।

इसी बीच अलीशान की ओर से रुबीना को मिलने के लिए व्हाट्सऐप पर संदेश भेजे जाने का दावा किया गया। परिजनों के अनुसार, उसने रुबीना को अपने दो साल के बेटे को भी साथ लाने के लिए कहा था। रुबीना घर से निकली, लेकिन बेटे को साथ नहीं ले गई। वह अपना मोबाइल फोन भी मायके में छोड़ गई थी।

काफी समय बीतने के बाद भी जब रुबीना वापस नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। तीन दिन बाद गन्ने के खेत में उसका शव मिलने की सूचना आई। परिवार ने आरोप लगाया कि रुबीना को पहले जहरीला इंजेक्शन दिया गया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होनी बाकी थी।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अलीशान समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की थी। अलीशान के सेना में तैनात होने की बात भी सामने आई थी।

रुबीना की मौत के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अब इस मामले में मौत की असली वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट हो सकती हैं।

सत्यम रिपोर्ट: यह पुरानी घटना पर उपलब्ध समाचार और परिजनों के आरोपों के आधार पर तैयार की गई कहानी है। आरोपों को जांच में साबित होना बाकी है।

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