
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नया वेतनमान बिना आदेश के नहीं मिलेगा। आउटसोर्स सेवा निगम अथवा सचिवालय प्रशासन की तरफ से जब यह आदेश विभागों को भेजा जायेगा, तभी आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। यह जानकारी आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने दी है। संघ ने इस समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल व महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा
दरअसल, प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं को देखते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम कदम उठाया। उनके निर्देश पर साल 2025 में आउटसोर्स कर्मियों का वेतन निर्धारण और सेवा निगम का गठन हुआ। वहीं 2 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम का शुभारंभ किया। इतना ही नहीं वेतन का चेक भी कुछ कर्मियों को वितरित किया । इसके बाद करीब 10 दिन का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम व सचिवालय प्रशासन की ओर से विभागों को वेतन बढ़ोत्तरी का आदेश नहीं भेजा गया, जिससे विभाग मे असमंजस की स्थिति बनी हुई है । बिना आदेश के तमाम विभागों में तैनात कर्मियों को नया वेतनमान नहीं मिलेगा ।
आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल व महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री और निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर आदेश जारी करने की मांग की गई है । इसके साथ वेतन बढ़ोतरी अक्टूबर 2025 से दिए जाने की भी शिफारिस की गई है । इसके अलावा महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने पत्र में यह भी कहा है कि वेतन निर्धारण का शासनादेश 19 सितंबर 2025 को जारी हुआ था, इसलिए वेतन भी उसी समय से मिलना चाहिए । उन्होंने बताया कि विभागों में अभी तक वेतन बढ़ोतरी का आदेश नहीं आने से कर्मचारी काफी असमंजस में है, कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि निर्धारण के एक साल बाद भी अभी वेतन मिलेगा या नहीं।


