प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह भी काफी गतिविधियां देखने को मिलेंगी. सप्ताह के दौरान छह मेनबोर्ड आईपीओ समेत 19 आईपीओ बाजार में उतरने वाले हैं. जिनका कुल साइज लगभग 4,169 करोड़ रुपए होगा. जिनमें से 3,825 करोड़ रुपए मेनबोर्ड आईपीओ जुटाएंगे. इनमें एलिवेट कैंपसेस और वर्मोरा ग्रैनिटो प्रमुख रूप से शामिल हैं. ये सभी आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 22 से 28 सितंबर के बीच खुलेंगे. ज्यादातर इश्यू 23 सितंबर को खुलेंगे. इन दो इश्यूज के साथ बेंगलुरु की एवन स्टील्स इंडिया लिमिटेड, अरमी इन्फोटेक लिमिटेड, स्वस्तिका इन्फ्रा और एड्रॉयट इंडस्ट्रीज के आईपीओ भी सप्ताह के दौरान खुलेंगे. नई ओपनिंग के अलावा, मार्केट में 12 लिस्टिंग भी होंगी, जिनमें NSE भी शामिल है. NSE का ग्रे मार्केट प्रीमियम घटकर लगभग 3 फीसदी रह गया है.

अगले हफ्ते 6 मेनबोर्ड आईपीओ
- हिलहाउस इन्वेस्टमेंट समर्थित एलिवेट कैंपसेस 23 सितंबर को 2,100 करोड़ रुपए का आईपीओ लेकर आएगी. कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 343362 रुपए का मूल्य दायरा तय किया है. तीन दिन का यह निर्गम 25 सितंबर को बंद होगा और इसके शेयरों की लिस्टिंग 30 सितंबर को प्रस्तावित है. आईपीओ में पूरी तरह नए शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें कोई बिक्री पेशकश शामिल नहीं है.
- वर्मोरा ग्रैनिटो का 708 करोड़ रुपए का आईपीओ 22 से 24 सितंबर तक खुलेगा. इसके लिए मूल्य दायरा 140148 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है. निर्गम में 320 करोड़ रुपए तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि निवेशक कत्सुरा इन्वेस्टमेंट्स करीब 388 करोड़ रुपए मूल्य के 2.62 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश लाएगी.
- इंटीग्रेटिड स्टील मेकर एवन स्टील्स इंडिया 24 से 28 सितंबर के दौरान 405 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य लेकर बाजार में उतरेगी. कंपनी ने शेयर का मूल्य दायरा 385405 रुपए तय किया है. इसमें 355 करोड़ रुपए का नया निर्गम और प्रमोटर्स की ओर से 50 करोड़ रुपए तक की बिक्री पेशकश शामिल है.
- अरमी इन्फोटेक का 300 करोड़ रुपए का आईपीओ 23 से 25 सितंबर तक खुलेगा. कंपनी ने इसके लिए 350375 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है. इसमें पूरी तरह नए शेयरों की पेशकश की जाएगी.
- स्वस्तिका इन्फ्रा का 161 करोड़ रुपए का आईपीओ 23 से 25 सितंबर को खुला रहेगा. इसका मूल्य दायरा 175185 रुपए प्रति शेयर है. कंपनी बिजली वितरण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ईपीसी समाधान उपलब्ध कराती है.
- वहीं, एड्रॉयट इंडस्ट्रीज का 151 करोड़ रुपए का आईपीओ भी 23 से 25 सितंबर तक खुलेगा. इसके लिए मूल्य दायरा 126134 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया गया है.
छोटी कंपनियों के आईपीओ
SME सेगमेंट में कई कंपनियां आएंगी. विवेकानंद कॉटस्पिन, एफएक्स मल्टीटेक और रोबोकिड्ज़ एडुवेंचर्स 21 सितंबर को खुलेंगे. हिमालय न्यूट्रावेदिक्स और आनंद सीमलेस 22 सितंबर को खुलेंगे. 23 सितंबर को कई और SME इश्यू खुलेंगे, जिनमें कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग, साई ऊर्जा इंडो वेंचर्स, पूजा लॉजिस्टिक्स, लिक्विड डिजिटल इंडिया, एसके ऑफसेट और यूनाइटेक फाइबर्स शामिल हैं. Peshwa Wheat भी 24 सितंबर को खुलने वाला है, जबकि बेंचमार्क इन्फोटेक सर्विसेज 25 सितंबर को खुलेगा. इसलिए, यह हफ़्ता बड़े और छोटे, दोनों तरह के इश्यू में निवेशकों की दिलचस्पी की परीक्षा लेगा.
NSE की लिस्टिंग पर रहेगी नजर
लिस्टिंग का सिलसिला जारी रहेगा. अगले हफ़्ते NSE की लिस्टिंग अहम है, लेकिन इसका GMP गिरकर लगभग 3 फीसदी हो गया है. इससे पता चलता है कि देश के सबसे बड़े एक्सचेंज को लेकर पहले जो उत्साह था, उसके मुकाबले लिस्टिंग को लेकर उम्मीदें कम हैं. आने वाली दूसरी लिस्टिंग में, SpectraA Technology Solutions का GMP लगभग 38 फीसदी है, जबकि SS Retail का GMP लगभग 34% है. हालांकि, Hero Motors लिस्टिंग से पहले नेगेटिव GMP पर ट्रेड कर रहा है, जो ग्रे मार्केट में कमजोर सेंटीमेंट को दिखाता है. मेनबोर्ड IPO में ज़्यादातर पैसा लगेगा, जिसमें एलिवेट कैंपस और वरमोरा ग्रैनिटो मुख्य होंगे, जबकि एनएसई, एसएस रिटेल, स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस और हीरो मोटर्स की लिस्टिंग पर भी करीबी नजर रहेगी.
इस साल 87 आईपीओ की उम्मीद
सितंबर में अब तक 17 आईपीओ आ चुके हैं. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और सोनासेलेक्शन इंडिया के आईपीओ फिलहाल जारी हैं. इन नए निर्गमों के साथ 2026 में आईपीओ लाने वाली कंपनियों की संख्या बढ़कर 87 होने की उम्मीद है. पैंटोमैथ कैपिटल के एमडी एवं सीईओ कामराज सिंह नेगी के अनुसार, 2026 में अबतक आईपीओ के जरिये जुटाई गई 83,062 करोड़ रुपए की राशि में जुलाई और अगस्त की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत रही है. उन्होंने कहा कि कंपनियों की बड़ी पाइपलाइन और जारी इश्यू गतिविधियों को देखते हुए चालू वर्ष में पिछले साल के मुकाबले अधिक धन जुटाए जाने की संभावना बनती है. रिपोर्ट के मुताबिक, 167 कंपनियों को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है, जिनसे करीब 3.06 लाख करोड़ रुपए जुटाने की संभावित क्षमता है. इसके अलावा 71 कंपनियों के आवेदन मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं, जिनका अनुमानित इश्यू साइज करीब 1.60 लाख करोड़ रुपए है.


