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परिक्रमा​​​​​​ करके लौट रहे चाचा-भतीजों को रास्ते में घेर लिया, फरसे से युवक की हत्या; 10 साल बाद 6 दोषियों को उम्रकैद

परिक्रमा​​​​​​ करके लौट रहे चाचा-भतीजों को रास्ते में घेर लिया, फरसे से युवक की हत्या; 10 साल बाद 6 दोषियों को उम्रकैद

मथुरा, उत्तर प्रदेश: करीब दस साल पहले हुई हत्या के एक मामले में अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 21,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला साल 2016 का है, जब देर रात गांव लौट रहे एक युवक पर हथियारबंद लोगों ने हमला कर उसकी हत्या कर दी थी।

देर रात लौटते समय रास्ते में घेरकर किया हमला

जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम तस्कर के मुताबिक, एक सितंबर 2016 को आझई खुर्द निवासी भूपन सिंह अपने भतीजों धीरु उर्फ धीरज और गोपाल के साथ वृंदावन क्षेत्र के बड़ौता गांव में पूरन सिंह के यहां गए थे। इसके बाद तीनों ने गोवर्धन की परिक्रमा की और देर रात अपने गांव लौट रहे थे।

रात करीब दो बजे जब वे आझई गांव में चतुरी पंडित के खेत के पास पहुंचे, तो वहां पहले से घात लगाए हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने धीरु उर्फ धीरज पर असलहों और फरसे से हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई।

तीन सगे भाइयों समेत छह लोगों के नाम आए सामने

घटना के बाद भूपन सिंह ने वृंदावन थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने गांव के तीन सगे भाइयों सत्तो, भंडारी उर्फ भूदेव और डूंगर को नामजद करते हुए तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आगे की विवेचना में चौमुहां निवासी धर्म सिंह उर्फ धर्मों और आझई खुर्द निवासी देवी सिंह तथा लाखन सिंह के नाम भी सामने आए। पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार किया था। बाद में आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई थी।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष साबित करने की दलीलें दीं। वहीं, अभियोजन पक्ष ने पुलिस की जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे।

इन साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 21,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

करीब दस साल पुराने इस हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद सभी छह दोषियों को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।

सत्यम रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों और न्यायालय से संबंधित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

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