
नई दिल्ली: दुनिया अभी भी कोरोना महामारी के दौर को भूली नहीं है और इसी बीच एक बार फिर संभावित महामारी को लेकर एक दावा चर्चा में आ गया है। एक कथित ‘प्रलय के भविष्यवक्ता’ ने आने वाले समय में एक और महामारी की आशंका जताई है। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब रूस में एक प्रयोगशाला से जुड़ी प्लेग की घटना को लेकर भी खबरें चर्चा में हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति की भविष्यवाणी को वैज्ञानिक चेतावनी या महामारी की पुष्टि नहीं माना जा सकता। नई महामारी की संभावना का आकलन वैज्ञानिक संस्थाएं संक्रमण, वायरस या बैक्टीरिया के प्रसार और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के आधार पर करती हैं।
कोरोना को लेकर भी चर्चा में रहा था दावा
जिस व्यक्ति की भविष्यवाणी अब चर्चा में है, उसने पहले कोरोना महामारी को लेकर भी कथित तौर पर चेतावनी दी थी। इसी वजह से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में उसके पुराने दावों को दोबारा सामने लाया जा रहा है।
कोरोना के बाद महामारी से जुड़े किसी भी दावे को लेकर लोगों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। लेकिन किसी भविष्यवाणी का बाद की घटना से मिल जाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि भविष्यवक्ता के पास महामारी की वैज्ञानिक जानकारी या भविष्य को देखने की क्षमता थी।
रूस की लैब की घटना ने बढ़ाई चिंता
रूस में एक प्रयोगशाला से जुड़ी प्लेग की घटना की खबर के बाद इस भविष्यवाणी को सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा मिलने लगी। प्लेग एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, लेकिन किसी प्रयोगशाला में संक्रमण या बीमारी से जुड़ी घटना का सामने आना अपने आप में नई वैश्विक महामारी की शुरुआत का प्रमाण नहीं है।
किसी संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलने के लिए कई वैज्ञानिक और epidemiological परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं। इसलिए ऐसी खबरों को लेकर घबराने के बजाय आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करना ज्यादा जरूरी है।
‘एक और महामारी आएगी’ का दावा कितना सच?
भविष्य में नई महामारी की संभावना को वैज्ञानिक पूरी तरह खारिज नहीं करते। दुनिया में नए संक्रमणों का सामने आना और पुराने रोगों का दोबारा फैलना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।
लेकिन कब, कहां और किस बीमारी के कारण अगली महामारी होगी, इसका सटीक अनुमान केवल किसी भविष्यवाणी के आधार पर नहीं लगाया जा सकता। फिलहाल सामने आया दावा एक व्यक्ति की भविष्यवाणी है, न कि किसी स्वास्थ्य संस्था की आधिकारिक चेतावनी।
कोरोना के बाद बढ़ी महामारी को लेकर संवेदनशीलता
कोरोना ने पूरी दुनिया को दिखाया कि कोई संक्रामक बीमारी कितनी तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर डाल सकती है। इसी कारण किसी नए संक्रमण या महामारी से जुड़ी खबर सामने आते ही लोगों में चिंता बढ़ जाती है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल दावों को बिना पुष्टि के सच मानने के बजाय विश्वसनीय स्वास्थ्य संस्थाओं और आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देना जरूरी है। भविष्यवाणी और वैज्ञानिक चेतावनी के बीच अंतर समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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