तुलसी का पौधा भारतीय घरों में केवल एक पौधा नहीं, बल्कि आस्था, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस वजह से लोग तुलसी के पौधों की खास देखभाल करते हैं। अक्सर लोग पौधों की देखभाल के लिए प्राकृतिक खाद पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं जिनमें केले का छिलका का भी शामिल है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे में केले का छिलका डालने से क्या होता है। क्या सच में तुलसी के पौधे में केले का छिलका डालना सही होता है। चलिए जानते हैं।

केले के छिलके के पोषक तत्व
तुलसी को अपनी हरीभरी पत्तियों और मजबूत तने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है। केले का छिलका इन जरूरतों को पूरा करने में कारगर साबित होता है। केले के छिलके में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है। यह तुलसी के तनों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह जड़ों के विकास में मदद करता है, जिससे पौधा मिट्टी से पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाता है। कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर केले का छिलका मिट्टी की संरचना में सुधार करते हैं और पत्तियों में क्लोरोफिल बनाए रखने में मदद करते हैं।
तुलसी में केले का छिलका डालने से क्या होता है
1. तेजी से होता है ग्रोथ
केले के छिलके में मौजूद पोषक तत्व तुलसी के पौधे की ग्रोथ में मदद करता है। अगर तुलसी का पौधा मुरझा रहा है या उसकी ग्रोथ रुक गई है, तो यह एक नेचुरल बूस्टर की तरह काम करता है।
2. पत्तियों को बनाए घना
तुलसी की खूबसूरती उसकी घनी पत्तियों में है। पोटेशियम से भरपूर केले का छिलका पौधे पर नई पत्तियां लाने में मदद करता है।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
केले के छिलके को सीधे गमले में न डालें, क्योंकि इससे फंगस या कीड़े लग सकते हैं। इसे इस्तेमाल करने के छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें जब तक वे काले और कड़क न हो जाएं। फिर उन्हें पीसकर पाउडर बना लें। महीने में एक बार दो चम्मच पाउडर मिट्टी में मिलाएं। इसके अलावा आप एक जार में पानी भरकर छिलकों को 23 दिनों के लिए भिगो दें। इसके बाद इस पानी को छानकर तुलसी की जड़ में डालें। आप चाहें तो छिलकों के छोटेछोटे टुकड़े काटकर उन्हें मिट्टी में कम से कम 23 इंच गहरा दबाएं। इससे भी पौधे की अच्छी ग्रोथ होगी।
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