भारत में किसी भी तरह के वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस होना बहुत जरूरी है. ड्राइविंग लाइसेंस एक लिमिडेट टाइम के लिए जारी किया जाता है. डेट निकलने पर उसे फिर से रिन्यू कराने की जरूरत होती है, लेकिन कई लोग बिना लाइसेंस रिन्यू कराए ही वाहन चलाते रहते हैं. लेकिन अब ऐसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में फैसला सुनाया था. इस फैसले का असर हर उस इंसान पर पड़ेगा जो वाहन चलाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर सड़क हादसे के समय वाहन चालक के पास वैध या रिन्यू किया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार नहीं होगी. कोर्ट ने कहा कि इससे वाहन मालिक और चालक पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है. साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस के महत्व को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाने और लाइसेंस बनवाने व रिन्यू कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश भी दिए हैं. यानी अगर चालक का लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है और उसे समय पर रिन्यू नहीं कराया गया है, तो दुर्घटना की स्थिति में वाहन मालिक और चालक को अपनी जेब से भारी मुआवजा देना पड़ सकता है.
ड्राइविंग स्कूलों में सुधार की भी जरूरत
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि देश में ड्राइविंग स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है. कोर्ट के अनुसार, ड्राइविंग स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार होना चाहिए. उनकी फीस आम लोगों की पहुंच में होनी चाहिए. ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन और टेस्ट क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से लाइसेंस बनवा सकें.
किस मामले में आया यह फैसला?
यह फैसला वर्ष 2009 के एक सड़क हादसे से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आया. इस मामले में ओम प्रकाश नामक व्यक्ति द्वारा चलाए जा रहे वाहन ने एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी. हादसे के समय चालक का ड्राइविंग लाइसेंस काफी पहले ही एक्सपायर हो चुका था. उसे बाद में रिन्यू कराया गया था. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले को रद्द कर दिया और कहा कि अगर हादसे के समय ड्राइवर के पास वैलिड लाइसेंस नहीं था, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
वाहन चालकों के लिए क्या है सीख?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सभी वाहन मालिकों और चालकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपने ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समयसमय पर जांचते रहें. अगर लाइसेंस की अवधि समाप्त होने वाली है, तो समय रहते उसे रिन्यू करा लें. ऐसा नहीं करने पर सड़क हादसे की स्थिति में न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि भारी मुआवजा भी अपनी जेब से देना पड़ सकता है.



