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इंटरनेट लोड शेडिंग क्या है? जो बन गई पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या

Satya Report: What is Internet Load Shedding: पाकिस्तान इस समय सिर्फ बिजली संकट ही नहीं बल्कि डिजिटल संकट से भी जूझ रहा है. देश में लंबे समय तक हो रही बिजली कटौती का असर अब इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर साफ दिखने लगा है. इस स्थिति को इंटरनेट लोड शेडिंग कहा जा रहा है, जिसमें नेटवर्क पूरी तरह या आंशिक रूप से ठप हो जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मोबाइल टावर बंद होने से कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी सीधा असर पड़ रहा है.

इंटरनेट लोड शेडिंग क्या है? जो बन गई पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या
इंटरनेट लोड शेडिंग क्या है? जो बन गई पाकिस्तान के लिए बड़ी समस्या

क्या है इंटरनेट लोड शेडिंग?

इंटरनेट लोड शेडिंग उस स्थिति को कहा जाता है जब लंबे समय तक बिना सूचना के बिजली कटौती होती है और इसका सीधा असर टेलीकॉम सेवाओं पर पड़ता है. जब बिजली नहीं रहती तो मोबाइल टावर सही तरीके से काम नहीं कर पाते और नेटवर्क कमजोर या पूरी तरह बंद हो जाता है. पाकिस्तान के शमा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में यही स्थिति देखने को मिल रही है जहां लगातार बिजली कटौती के कारण इंटरनेट सेवाएं बाधित हो रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम कंपनियां टावर चलाने के लिए डीजल का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रही हैं क्योंकि तेल की कीमतें काफी ज्यादा हो चुकी हैं. इससे डिजिटल कनेक्टिविटी पर गंभीर असर पड़ रहा है. .

कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट से बढ़ी परेशानी

पाकिस्तान में इंटरनेट लोड शेडिंग के चलते कॉल ड्रॉप और स्लो इंटरनेट की समस्या तेजी से बढ़ी है. कई यूजर्स का कहना है कि उनकी कॉल बार-बार कट जाती है और इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी हो गई है. कई बार नेटवर्क पूरी तरह से बंद हो जाता है जिससे लोग घंटों तक इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पाते. खासकर ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर है जहां पहले से ही नेटवर्क कमजोर रहता है. रिपोर्ट के अनुसार 5G सेवाएं अभी तक शुरू नहीं हुई हैं, जिससे मौजूदा नेटवर्क पर ही ज्यादा दबाव है और बिजली कटौती ने स्थिति को और खराब कर दिया है.

बैकअप की कमी और महंगा ईंधन बना बड़ी वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में ज्यादातर मोबाइल टावरों के पास केवल 2 से 6 घंटे का ही पावर बैकअप है, जबकि बिजली कटौती उससे ज्यादा समय तक चलती है. कई टावरों के पास तो कोई बैकअप ही नहीं है, जिससे बिजली जाते ही नेटवर्क भी बंद हो जाता है. इस समस्या से निपटने के लिए जेनरेटर और डीजल का सहारा लिया जाता है, लेकिन हाल के समय में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने इसे भी मुश्किल बना दिया है. टेलीकॉम कंपनियों के लिए लगातार जेनरेटर चलाना महंगा पड़ रहा है, जिससे नेटवर्क को चौबीसों घंटे चालू रखना संभव नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि पाकिस्तान में अब बिजली के साथ साथ इंटरनेट संकट भी गहराता जा रहा है.

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