Satya Report: कोबरा अगर फुफकार भी मार दे तो लोगों की हालत खराब हो जाती है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि कोबरा के काटने के बाद भी जीवन को कोई खतरा नहीं होता, हो सकता है कि बस बेहोशी जैसी कुछ जरूर आ जाए. कई बार कोबरा किसी को काटता भी है तो जहर की एक बूंद भी काटने वाले के शरीर में इंजेक्ट नहीं कर पाता. ऐसा क्यों होता है

हम सभी को लगता है कि अगर कोबरा किसी को हल्का सा दांत भी गड़ा दे तो बचने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी. उसका हल्का सा जहर भी बहुत खतरनाक और जानलेवा होता है. हालांकि 20-30 फीसदी ऐसे भाग्यशाली लोग भी होते हैं, जिनका कोबरा के काटे जाने के बाद भी बालबांका तक नहीं होता, क्योंकि ये जहरीला सांप खुद ही उनकी जान बख्श देता है.
क्या आपको मालूम है कि कोबरा जिन लोगों को काटता है उसमें से 20 से 30 फीसदी लोग उसके काटने के बाद भी नहीं मरते, उसकी एक खास वजह होती है. इसकी एक वजह ये भी होती है कि खुद कोबरा ही उन्हें मारना नहीं चाहता, तो एक खास तरह से काटता है, जिसमें बेहोशी तो आ सकती है लेकिन मृत्यु तो बिल्कुल नहीं होगी.
तो हम बताते हैं कि ये वजह क्या होती है. क्योंकि कोबरा ये बाइट यानि दंश ड्राई होता है. ऐसे में उसके दांत के निशान तो शरीर पर बन जाएंगे लेकिन जहर का एक बारीक कतरा भी शरीर में नहीं जाएगा. वजह ये होती है कि तब कोबरा अपना जहर बाहर नहीं निकालता बल्कि उसका ये दंश ड्राई बाइट में आता है. इस ड्राई बाइट की एक दूसरी वजह भी होती है, जो आगे बताएंगे.



