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FD या म्यूचुअल फंड, इमरजेंसी फंड के लिए कहां पैसे रखना है बेहतर

Satya Report: Emergency fund में पैसा कहां रखना है, ये सिर्फ रिटर्न पर डिपेंड नहीं करता बल्कि इस बात पर ज्यादा डिपेंड करता है कि जरूरत पड़ने पर आप पैसा कितनी जल्दी निकाल सकते हैं. इसलिए सही ऑप्शन चुनते समय लिक्विडिटी यानी तुरंत पैसे मिलने की सुविधा सबसे जरूरी होती है, और उसके बाद ही टैक्स या रिटर्न को देखना चाहिए.

FD या म्यूचुअल फंड, इमरजेंसी फंड के लिए कहां पैसे रखना है बेहतर
FD या म्यूचुअल फंड, इमरजेंसी फंड के लिए कहां पैसे रखना है बेहतर

इमरजेंसी फंड एक अलग से रखा गया पैसा होता है, जो अचानक आने वाले खर्चों जैसे, कार रिपेयर या जॉब लॉस को हैंडिल करने के लिए काम आता है, ताकि आपको लोन लेने की जरूरत ना पड़े. यह आपकी फाइनेंशियल सेफ्टी का काम करता है और आपके लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट को बिना छेड़े मुश्किल समय में मदद करता है.

इमरजेंसी फंड कहां रखें, इस पर मिंट की रिपोर्ट में SEBI-registered investment advisor अविनाश लूथरिया कहते हैं कि इमरजेंसी फंड का मतलब हर सिचुएशन में अलग हो सकता है, इसलिए इसे समझना जरूरी है. अगर सिचुएशन ऐसी है जहां आपको तुरंत पैसे की जरूरत है, जैसे अचानक हॉस्पिटल जाना पड़े, तो सबसे प्रैक्टिकल ऑप्शन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) होता है. हालांकि सेविंग्स अकाउंट में पैसा मौजूद रहता है, लेकिन ज्यादातर लोग उसमें बड़ी रकम नहीं रखते. म्यूचुअल फंड ऐसे मामलों में उतने काम के नहीं होते क्योंकि पैसा निकालने के बाद अकाउंट में आने में 23 वर्किंग डेज लग सकते हैं. कुछ केस में 50,000 रुपये तक जल्दी मिल सकता है, लेकिन सीरियस इमरजेंसी में यह अमाउंट काफी नहीं होती, इसलिए इंसटेंट जरूरत के लिए FD बेहतर माना जाता है.

कब म्यूचुअल फंड बन सकता है बढ़िया ऑप्शन

वहीं, अगर इमरजेंसी ऐसी है जिसमें 2-3 दिन का टाइम मिल सकता है, तो म्यूचुअल फंड बेहतर ऑप्शन बन सकते हैं. इस तरह की सिचुएशंस में लिक्विड फंड, ओवरनाइट फंड जैसे विकल्प कंसीडर किए जा सकते हैं, क्योंकि इनमें लिक्विडिटी ठीक होती है और टैक्स के लिहाज से भी ये थोड़ा फायदेमंद हो सकते हैं. .

जहां तक टैक्स का सवाल है, इमरजेंसी फंड बनाते समय इसे सबसे पहली प्रियोरिटी नहीं बनाना चाहिए. अगर आपको तुरंत पैसे की जरूरत है, तो सबसे जरूरी यह है कि पैसा जल्दी मिल जाए, टैक्स बाद में देखा जा सकता है. आम तौर पर लो टैक्स ब्रेकट वाले लोगों के लिए FD एक अच्छा और सरल विकल्प है, जबकि हाई टैक्स ब्रेकट में आने वाले लोग debt mutual fund पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि इनमें टैक्स के बाद बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होती है.

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