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कौन हैं फिल्मी पर्दे से संसद पहुंचने वाली सायोनी, BJP की जीत के बाद पोस्ट से मचाई हलचल, लोग बोले- अकड़ नहीं निकली

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदल दी है। इस पूरे चुनावी समर में जो चेहरे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे, उनमें सायोनी घोष का नाम प्रमुख है। तृणमूल कांग्रेस की युवा नेता और सांसद सायोनी ने न केवल अपने प्रचार अभियान से सुर्खियां बटोरीं, बल्कि अपनी बेबाक बयानबाजी से भी विरोधियों को घेरे रखा। हालांकि चुनावों में टीएमसी की हार और भाजपा की जीत के बाद सायोनी का एक सोशल मीडिया पोस्ट अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने हार को स्वीकार करते हुए भविष्य के लिए हुंकार भरी है। वो हार तो मान रही हैं लेकिन उनका कॉन्फिडेंस अभी भी नहीं हिला है और इसकी झलक लोगों को उनके पोस्ट में दिखी, जिसके बाद लोग ने कहा कि उनकी अकड़ अब भी कम नहीं हो रही है। कई लोग उनके बारे में विस्तार से जानना भी चाहते हैं कि बंगाल की राजनीति में वो कैसे आईं और इतने कम वक्त में बड़ी पहचान बना ली।

कौन हैं फिल्मी पर्दे से संसद पहुंचने वाली सायोनी, BJP की जीत के बाद पोस्ट से मचाई हलचल, लोग बोले- अकड़ नहीं निकली
कौन हैं फिल्मी पर्दे से संसद पहुंचने वाली सायोनी, BJP की जीत के बाद पोस्ट से मचाई हलचल, लोग बोले- अकड़ नहीं निकली

फिल्मी पर्दे से जनसेवा तक का सफर

राजनीति के अखाड़े में उतरने से पहले सायोनी घोष बंगाली मनोरंजन जगत का एक जानामाना नाम थीं। उनके करियर की शुरुआत टेलीफिल्म ‘इच्छे दाना’ से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने साल 2010 में नोटोबोर नोटआउट में एक छोटी भूमिका निभाई। धीरेधीरे उन्होंने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया और ‘शत्रु’, ‘कनामछी’, ‘एकला चलो’, ‘मेघनाद वध रहस्य’ और ‘राजकाहिनी’ जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। टेलीविजन धारावाहिक प्रलय आसछे में एक पत्रकार की भूमिका निभाकर वह घरघर में पहचानी जाने लगीं। अभिनय की दुनिया में मिली इस लोकप्रियता ने उनके लिए राजनीति की जमीन तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई।

तृणमूल कांग्रेस में उल्कापिंड सा उदय

सायोनी घोष का राजनीतिक सफर साल 2021 में शुरू हुआ जब वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुईं। हालांकि, अपने पहले विधानसभा चुनाव में उन्हें आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा की अग्निमित्रा पॉल के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पार्टी ने उनकी सक्रियता को देखते हुए उन पर भरोसा बनाए रखा। जून 2021 में उन्हें टीएमसी युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी मेहनत का फल उन्हें 2024 के लोकसभा चुनावों में मिला, जब उन्होंने जादवपुर संसदीय क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की और दिल्ली की संसद तक का सफर तय किया।

हार के बाद सायोनी का भावुक और कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में टीएमसी की शिकस्त के बाद सायोनी घोष ने एक्स पर एक विस्तृत नोट साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘मैं भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बंगाल की जनता के जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हूं। मैं बंगाल की ‘मां, माटी, मानुष’ का आभार व्यक्त करती हूं जो हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़े रहे।’ उन्होंने जादवपुर की जनता की सेवा जारी रखने का संकल्प लेते हुए कहा कि उनका सिर हमेशा ऊंचा रहेगा और वह अपनी नेता ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ती रहेंगी।

भविष्य के संघर्ष का बिगुल

अपने पोस्ट में सायोनी ने पार्टी के खिलाफ हुई चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को केंद्रीय एजेंसियों के उत्पीड़न, वित्तीय नाकेबंदी, मीडिया ट्रायल और झूठे मुकदमों जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे साइलेंट इनविजिबल रिगिंग करार देते हुए कहा कि अब यहां से लड़ाई और भी तीव्र और उग्र होगी। सायोनी ने अपने संदेश का समापन ‘जय बांग्ला, जय हिंद’ के साथ किया, जिससे साफ है कि चुनावी हार के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है और वह विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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