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जिस​​​​​​ बेटी को वापस लाने के लिए पिता लगाता रहा गुहार, उसकी मौत के मामले में महिला दोषी करार; 2 नवंबर को सुनाई जाएगी सजा

जिस​​​​​​ बेटी को वापस लाने के लिए पिता लगाता रहा गुहार, उसकी मौत के मामले में महिला दोषी करार; 2 नवंबर को सुनाई जाएगी सजा

बगहा, बिहार: जिस बेटी के घर लौटने का एक पिता कई दिनों तक इंतजार करता रहा, आखिरकार उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। अब इस मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। पश्चिम चंपारण के बगहा में 12 वर्षीय दुर्गा कुमारी की मौत के मामले में महिला अभियुक्त ज्ञांती देवी को दोषी करार दिया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को पेश किया था। अब 2 नवंबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।

बेटी को वापस लाने के लिए पिता ने की थी गुहार

यह मामला बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र का है। मृतका के पिता शंकर मांझी ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी आदम कुमारी उर्फ दुर्गा कुमारी को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर ले जाया गया था।

पिता के अनुसार, बेटी को वापस लाने के लिए उन्होंने संबंधित लोगों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि बेटी को वापस मांगने पर उन्हें कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ा।

घर में मिला था बेटी का शव

मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, 4 नवंबर 2025 की रात गांव के चौकीदार ने शंकर मांझी के घर पहुंचकर उनकी बेटी की मौत की सूचना दी। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

इसके बाद शंकर मांझी अपनी पत्नी राजकली देवी के साथ भुअरहवा टोला पूर्वी ढोकनी पहुंचे। वहां एक घर में उनकी बेटी का शव जमीन पर पड़ा मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए बगहा अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा

7 नवंबर 2025 को शंकर मांझी ने लिखित आवेदन देकर बेटी की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

शिकायत में अनिल कुमार उर्फ ओरल सहित अन्य लोगों से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया गया था। हालांकि, मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उसके विरुद्ध आरोपों की स्थिति अलग-अलग कानूनी साक्ष्यों के आधार पर तय होती है।

सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान सात गवाहों के बयान और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद ज्ञांती देवी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।

2 नवंबर को तय होगी सजा

अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। उस दिन न्यायालय दोषी करार दी गई ज्ञांती देवी को दी जाने वाली सजा पर विचार करेगा।

फिलहाल, इस फैसले के बाद मृतका के परिवार को मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार है। अदालत में सजा पर होने वाली सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध अदालती कार्यवाही और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। सजा से संबंधित अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा सुनवाई के बाद लिया जाएगा।

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