
हिंदू धर्म में पीपल वृक्ष की पूजा का खास महत्व बताया गया है। विशेष तौर पर शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनि दोष के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं। यह साढ़े साती और ढैय्या से भी राहत दिलाता है। विधिपूर्वक पीपल वृक्ष की पूजा करने से पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करने का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह करीब 3 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट का होता है।
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करने के पश्चात साफ वस्त्र धारण करें। कच्चे व शुद्ध दूध से शनिदेव का अभिषेक करें और पीपल की जड़ में भी दूध जरूर अर्पित करें। जिन जातकों की कुंडली में विषयोग हो, उन्हें यह काम अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से विषयोग समाप्त होता है और जीवन में शनि ग्रह की अनुकूलता बनी रहती है। अगर आप पितृ दोष का सामना कर रहे हैं तो शनिवार या अमावस्या को पीपल के पेड़ पर सफेद सूत कम से कम 7 या 11 बार बांधते हुए परामा करें।
पीपल की जड़ में काले तिल जरूर अर्पित करें। इस प्रकार पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पितृ दोष से राहत मिलती है और परिवार के सदस्यों पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनिवार की शाम पीपल वृक्ष के नीचे एक सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएँ। इस बात का ख्याल रखें कि कभी भी सूर्यास्त के बाद और रात के समय पीपल की पूजा नहीं करें।
पीपल के ये उपाय दूर कर सकते हैं धन और शत्रु बाधाएं
माना जाता है कि दिन के समय पीपल पर लक्ष्मी माता का वास होता है और सूर्यास्त के बाद अलक्ष्मी वास करती हैं। ऐसे में रात में पीपल की पूजा करने से घर में आर्थिक तंगी आ सकती है। अगर आप शनि की साढ़े साती का सामना कर रहे हैं तो शनिवार को पीपल के वृक्ष की पूजा जरूर करें। लोहे के कटोरे में सरसों का तेल डालकर अपना मुख छाया के रूप में देखें और पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक जलाकर उस कटोरे को वहां रख दें।
मान्यता है कि ऐसा करने से साढ़े साती और शनि दोष के प्रभाव कम होते हैं और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है। यदि जीवन में किसी बड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं, धन या शत्रु संबंधी कोई समस्या चल रही है तो शनिवार को सूर्यास्त के समय पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर राम रक्षा कवच का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से शत्रु और धन संबंधी बाधाएं कम होने लगती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
धन, आयु और शत्रु बाधा के लिए इन दो मंत्रों में से किसी एक का जप करना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। ओम शं शनैश्चराय नम या ओम नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्, छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्। शनिवार को पीपल का पेड़ काटना या कटवाना नहीं चाहिए। शास्त्रां में रविवार को पीपल के पेड़ की पूजा करना वर्जित माना जाता है।



