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BMW कार बनाने वाले: दर्जनों रोबोट को मिली सजा-ए-मौत, गर्म लावे में छलांग लगाने को किया मजबूर.

BMW कार बनाने वाले: दर्जनों रोबोट को मिली सजा-ए-मौत, गर्म लावे में छलांग लगाने को किया मजबूर.

टेक्नोलॉजी डेस्क: इंसानों की तरह दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट अब सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फैक्ट्रियों में भी काम करते नजर आ रहे हैं। कार निर्माण जैसी इंडस्ट्री में इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच रोबोट से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का दृश्य याद आ सकता है।

दरअसल, BMW की कार बनाने वाली फैक्ट्री में काम करने वाले दर्जनों ह्यूमनॉइड रोबोट को एक परीक्षण के दौरान ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसमें उन्हें बेहद गर्म और खतरनाक वातावरण में भेजा गया। इस प्रक्रिया को देखकर ऐसा लगा मानो रोबोटों को ‘सजा-ए-मौत’ दी जा रही हो और उन्हें गर्म लावे जैसी सामग्री के बीच जाने के लिए मजबूर किया गया हो।

फैक्ट्री में रोबोट कर रहे हैं इंसानों की तरह काम

ऑटोमोबाइल कंपनियां उत्पादन प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और ज्यादा सटीक बनाने के लिए रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही हैं। ह्यूमनॉइड रोबोट खास तौर पर ऐसे कामों के लिए विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें पहले इंसानी कर्मचारी करते थे।

इन रोबोटों को सामान उठाने, असेंबली लाइन पर काम करने और दोहराए जाने वाले कई कार्यों को करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को जोखिम वाले कामों से दूर रखने में भी मदद मिल सकती है।

गर्म लावे जैसी स्थिति में क्यों भेजे गए रोबोट?

जिस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा, वह वास्तव में रोबोटों की क्षमता और उनकी सुरक्षा से जुड़े परीक्षणों से जुड़ी है। बेहद गर्म वातावरण में मशीनों को काम कराने का उद्देश्य यह समझना होता है कि वे कठिन परिस्थितियों में कितनी देर तक काम कर सकती हैं और उनके सिस्टम पर इसका क्या असर पड़ता है।

इसी वजह से इस तरह के परीक्षणों को देखकर ‘सजा-ए-मौत’ जैसी उपमा दी जा रही है। हालांकि, रोबोट इंसान नहीं हैं और उन्हें इस तरह के परीक्षणों में भेजना किसी मानवीय सजा का मामला नहीं है।

BMW की फैक्ट्री में बढ़ रहा रोबोट का इस्तेमाल

कार निर्माण में ऑटोमेशन पहले से ही काफी आम है। रोबोट वेल्डिंग, पेंटिंग, पार्ट्स की असेंबली और अन्य सटीक कामों में लंबे समय से इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। अब कंपनियां ह्यूमनॉइड रोबोट को भी उत्पादन प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

ह्यूमनॉइड रोबोट का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि उनका शरीर इंसानों के लिए बनाए गए कार्यस्थल और उपकरणों के अनुरूप डिजाइन किया जा सकता है। इससे फैक्ट्री में मौजूद मौजूदा सेटअप में बड़े बदलाव किए बिना कुछ कामों को स्वचालित करने की संभावना बढ़ती है।

भविष्य में बदल सकता है फैक्ट्रियों का कामकाज

रोबोटिक्स और एआई के विकास के साथ आने वाले वर्षों में फैक्ट्रियों का स्वरूप काफी बदल सकता है। ऐसे रोबोट लगातार काम करने, दोहराए जाने वाले कार्यों को सटीकता से करने और जोखिम वाले वातावरण में इंसानों की जगह लेने में सक्षम हो सकते हैं।

हालांकि, इसके साथ रोबोट की सुरक्षा, कर्मचारियों पर असर और इंसान-मशीन के बीच सहयोग जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण होंगे। BMW जैसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में हो रहे प्रयोग इस बात का संकेत हैं कि भविष्य की फैक्ट्री में इंसानों के साथ मशीनें भी पहले से कहीं ज्यादा अहम भूमिका निभा सकती हैं।

source youtube

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