Priyanka Gandhi Statement: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश की जनता को अब इस सरकार को हटाना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर मौजूदा सरकार को नहीं हटाया गया, तो देश गंभीर संकट की ओर जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र का मतलब जनता का शासन है।
इसके मूल सिद्धांत संविधान में तय किए गए हैं और सरकार को उन्हीं के अनुसार काम करना चाहिए।
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— Bansal News Official October 7, 2026
सरकार पर संविधान के सिद्धांत तोड़ने का आरोप
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान की भावना के मुताबिक काम करने के बजाय उसके सिद्धांतों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात चुनाव आयोग के सामने रखना चाहता है, लेकिन प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की जा रही है।
इस सरकार को हटाने के अलावा अब कोई और रास्ता नहीं बचा है।
मैं हर देशवासी से कहना चाहती हूं कि इस सरकार को हटाओ। अगर आप इस सरकार को नहीं हटाएंगे, तो ये देश खाई में जाएगा।
ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लोकतंत्र मतलब जनता का राज। इसके कुछ उसूल हैं, जो संविधान में हैं।
इस… pic.twitter.com/B9Js8uriN3
— Congress October 7, 2026
‘सांसदों को चुनाव आयुक्त पर भरोसा नहीं’
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि 300 से अधिक सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े अपने आरोप चुनाव आयोग के सामने रखना चाहता है।
प्रियंका गांधी के मुताबिक, विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें आयोग की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है।
‘जनता की आवाज से डर रही सरकार’
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज से डर रही है और इसी वजह से विरोध प्रदर्शनों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जनता के लिए काम करता है और सांसद जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं।
उनका कहना था कि जब विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जाना चाहता है, तो उसे रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।



