Technology

आ गया ChatGPT Images 2.0, अब पोस्टर, डिजाइन या क्रिएटिव विजुअल्स बनाना होगा आसान

Satya Report: ChatGPT Images 2.0: ओपनएआई ने अपने इमेज जनरेशन मॉडल का नया वर्जन ChatGPT Images 2.0 लॉन्च कर दिया है. कंपनी का दावा है कि यह मॉडल पहले से ज्यादा स्मार्ट, सटीक और यूजर फ्रेंडली है. खास बात यह है कि अब इमेज के अंदर टेक्स्ट, आइकन और डिजाइन एलिमेंट्स को बेहतर तरीके से जनरेट किया जा सकता है. यह अपडेट उन यूजर्स के लिए खास है जो पोस्टर, डिजाइन या क्रिएटिव विजुअल्स बनाते हैं.

आ गया ChatGPT Images 2.0, अब पोस्टर, डिजाइन या क्रिएटिव विजुअल्स बनाना होगा आसान
आ गया ChatGPT Images 2.0, अब पोस्टर, डिजाइन या क्रिएटिव विजुअल्स बनाना होगा आसान

बेहतर टेक्स्ट और डिजाइन रेंडरिंग

ओपनएआई के अनुसार, ChatGPT Images 2.0 में सबसे बड़ा सुधार टेक्स्ट रेंडरिंग को लेकर किया गया है. पहले जहां इमेज में छोटे अक्षर, आइकन या यूआई एलिमेंट्स सही तरीके से नहीं बन पाते थे, अब यह मॉडल उन्हें काफी सटीकता के साथ दिखा सकता है. कंपनी ने कहा है कि यह मॉडल जटिल इंस्ट्रक्शन को बेहतर तरीके से समझता है और ऑब्जेक्ट्स को सही जगह पर प्लेस करता है. इसके अलावा इमेज का ओवरऑल डिजाइन और कंपोजिशन पहले से ज्यादा नैचुरल और प्रोफेशनल दिखता है. ओपनएआई का कहना है कि अब आउटपुट कम एआई जनरेटेड और ज्यादा मानव डिजाइन जैसा महसूस होता है, जिससे यूजर्स को ज्यादा क्वालिटी रिजल्ट मिलते हैं. .

मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट और स्मार्ट थिंकिंग फीचर

इस नए मॉडल की एक और खासियत इसका मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट है. अब यूजर हिंदी, जापानी, कोरियन, चाइनीज और बंगाली जैसी भाषाओं में भी इमेज के अंदर टेक्स्ट जनरेट कर सकते हैं. यह केवल अनुवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन के साथ भाषा को सही तरीके से फिट करता है. इसके साथ ही इसमें नया थिंकिंग फीचर जोड़ा गया है, जिससे यह जटिल टास्क को बेहतर तरीके से संभाल सकता है. एडवांस मोड में यह रियल टाइम जानकारी खोज सकता है, एक ही प्रॉम्प्ट से कई इमेज बना सकता है और अपने आउटपुट को खुद जांच भी सकता है. इससे आइडिया से फाइनल डिजाइन तक पहुंचना काफी आसान हो जाता है.

उपलब्धता, कीमत और उपयोग के नए मौके

ओपनएआई ने बताया कि ChatGPT Images 2.0 अब सभी यूजर्स के लिए चैटजीपीटी, कोडेक्स और एपीआई के जरिए उपलब्ध है. हालांकि एडवांस थिंकिंग फीचर्स केवल प्लस, प्रो और बिजनेस यूजर्स को मिलेंगे. gpt-image-2 मॉडल एपीआई में उपलब्ध है और इसकी कीमत इमेज की क्वालिटी और रिजोल्यूशन के आधार पर तय होती है. इस मॉडल का उपयोग मार्केटिंग डिजाइन, एजुकेशनल कंटेंट, स्टोरीटेलिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकता है. डेवलपर्स इसे अपने एप्स में इंटीग्रेट कर ऑटोमेटेड इमेज जनरेशन और एडिटिंग वर्कफ्लो भी बना सकते हैं, जिससे क्रिएटिव काम और तेज और आसान हो जाएगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply