TrendingUttar Pradesh

​आकाश OUT, दीपिका से भी किनारा! अब ईशान आनंद के हाथों में होगी जिम्मेदारी? मायावती का सबसे बड़ा फैसला

​आकाश OUT, दीपिका से भी किनारा! अब ईशान आनंद के हाथों में होगी जिम्मेदारी? मायावती का सबसे बड़ा फैसला

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने परिवार के सदस्यों की पार्टी में राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही है। वहीं, भाई की बेटी दीपिका आनंद को भविष्य में जरूरत पड़ने पर पार्टी की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई गई है।

आकाश और ईशान को राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं

मायावती ने अपने हालिया बयान में स्पष्ट किया कि आनंद कुमार के दोनों बेटों आकाश और ईशान को बसपा में किसी छोटे या बड़े राजनीतिक पद पर जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को राजनीतिक लाभ देने के बजाय पार्टी और बहुजन समाज के हित को प्राथमिकता देने की बात कही है।

आकाश आनंद को लेकर मायावती पहले भी पार्टी स्तर पर कार्रवाई कर चुकी हैं। सितंबर में उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग किया गया था।

दीपिका को लेकर क्या कहा?

दीपिका आनंद को लेकर मायावती का रुख आकाश और ईशान से अलग रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा था कि अगर आनंद कुमार को संगठनात्मक काम में मदद की जरूरत होती है तो उनकी बेटी दीपिका मदद कर सकती हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई गई थी।

हालांकि, दीपिका को पार्टी में कोई नई औपचारिक जिम्मेदारी दिए जाने की अंतिम घोषणा अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। 23 सितंबर की प्रस्तावित बैठक में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा होने की रिपोर्टें हैं।

23 सितंबर को बसपा की अहम बैठक

मायावती ने 23 सितंबर को पार्टी के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, प्रत्याशियों की समीक्षा और पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होनी है। दीपिका को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होने की संभावना बताई गई है।

कांशीराम और बाबा साहेब का दिया उदाहरण

मायावती ने अपने फैसले को बसपा संस्थापक कांशीराम की राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए कहा है कि उन्होंने अपने परिवार को राजनीतिक लाभ से दूर रखने की नीति अपनाई। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के एक पुराने पत्र का भी हवाला देते हुए सार्वजनिक संपत्ति और जवाबदेही से जुड़े उनके विचारों का उल्लेख किया।

मायावती ने यह भी कहा कि उनके लिए पूरा बहुजन समाज ही परिवार है और पार्टी का उद्देश्य बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करना है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply