
सहारनपुर, अमृत विचार। सहारनपुर के झबिरन गांव की रहने वाली एथलीट प्राची चौधरी ने एशियाई खेल2026 में शानदार प्रदर्शन कर अपने मातापिता से किया वादा पूरा कर दिया। प्राची ने 4×400 मीटर रिले में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर व्यक्तिगत दौड़ में कांस्य पदक भी अपने नाम किया।
बेटी की इस उपलब्धि से उनके मातापिता और गांव में खुशी का माहौल है। प्राची के पिता जयवीर सिंह और मां राजेश ने कहा कि उनकी बेटी ने भारत का नाम रोशन कर परिवार का गौरव बढ़ाया है। पिता के मुताबिक, एशियाई खेलों में रवाना होने से पहले प्राची ने स्वर्ण पदक जीतने का वादा किया था, जिसे उसने पूरा कर दिखाया।
4×400 मीटर रिले में भारत को गोल्ड
प्राची ने अपनी तीन अन्य साथी खिलाड़ियों के साथ महिलाओं की 4×400 मीटर रिले दौड़ में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने फाइनल में 3:29.69 का समय दर्ज किया। प्राची ने प्रतियोगिता में 400 मीटर की व्यक्तिगत दौड़ में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक भी जीता।
स्वर्ण पदक जीतने के बाद प्राची ने सहारनपुर के खेल अधिकारी राहुल चौपड़ा को वीडियो भेजकर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने बताया कि रिले फाइनल से पहले उन्होंने मातापिता से स्वर्ण पदक जीतने का आशीर्वाद लिया था। इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत के साथ दौड़ लगाई।
पगडंडियों से शुरू हुआ सफर, अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची
प्राची चौधरी ने सरसावा थाना क्षेत्र के झबिरन गांव की पगडंडियों और खेतों के कच्चे रास्तों से दौड़ का अभ्यास शुरू किया था। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एशियन गेम्स2023 में भी प्राची ने रजत पदक हासिल किया था।
दो साल से मिल रही 30 हजार रुपये मासिक स्कॉलरशिप
खेल अधिकारी राहुल चौपड़ा ने बताया कि प्राची को पिछले दो वर्षों से हर महीने 30 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राची पहले रेलवे विभाग में कार्यरत थीं। खेल में उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है।
प्राची के पिता जयवीर सिंह किसान हैं, जबकि उनकी मां राजेश गृहिणी हैं। परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को टीवी पर प्राची को स्वर्ण पदक जीतते देखा तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। गांव और सहारनपुर के लोग अब अपनी इस होनहार बेटी के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।


