Bhuvneshwar Kumar : भारतीय क्रिकेट में जब भी बेहतरीन तेज गेंदबाजों की बात होती है, तो जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे पहले लिया जाता है। अपनी घातक यॉर्कर और शानदार गेंदबाजी के दम पर बुमराह ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया है।

लेकिन अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भुवनेश्वर कुमार को लेकर ऐसी बात कही है, जिसने क्रिकेट जगत में चर्चा बढ़ा दी है। भुवनेश्वर की भारतीय टीम में वापसी के बाद अश्विन ने उनके अनुभव और क्षमता की तारीफ की है। वहीं, दोनों गेंदबाजों के आंकड़े भी इस बहस को दिलचस्प बनाते हैं।
अश्विन ने Bhuvneshwar Kumar की वापसी पर क्या कहा?
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टी20 टीम में वापसी पर खुशी जताई है। भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। वह करीब चार साल बाद इस प्रारूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं।
अश्विन का मानना है कि भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के लिए अब भी जगह बन सकती है। उन्होंने मोहम्मद शमी की वापसी की संभावनाओं पर भी बात की। उनके मुताबिक, भुवनेश्वर कुमार का चयन यह संकेत देता है कि अनुभव को दोबारा महत्व मिल रहा है। हालांकि, अश्विन के बयान को बुमराह और भुवनेश्वर की हर परिस्थिति में बराबरी का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
आंकड़ों में दोनों गेंदबाजों के बीच कितनी टक्कर?
भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह दोनों ने भारतीय टीम के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी की खासियत अलगअलग रही है। भुवनेश्वर नई गेंद से स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर, बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर, असामान्य एक्शन और डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी के लिए मशहूर हैं।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भुवनेश्वर ने 87 मैचों में 90 विकेट लिए हैं, जबकि बुमराह ने 100 मैचों में 126 विकेट हासिल किए हैं। बुमराह का गेंदबाजी औसत भी बेहतर रहा है। हालांकि, भुवनेश्वर ने अपने करियर में नई गेंद से स्विंग और किफायती गेंदबाजी के दम पर अलग पहचान बनाई है।
क्या भारतीय टीम में फिर चमकेगा Bhuvneshwar Kumar का अनुभव?
भुवनेश्वर कुमार की वापसी ऐसे समय हुई है, जब भारतीय टीम अपने तेज गेंदबाजी विकल्पों को मजबूत करने में जुटी है। उनका अनुभव आगामी मुकाबलों में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वनडे टीम में उनकी वापसी को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।
हालांकि, बुमराह और भुवनेश्वर कुमार की तुलना करते समय उनके आंकड़ों के साथसाथ भूमिका, फिटनेस और मैच की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अब सबकी नजरें भुवनेश्वर के प्रदर्शन पर होंगी, जो तय करेगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी दूसरी पारी को कितना सफल बना पाते हैं।



