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​मुखर्जी नगर का ‘डेविल’ :   बीए पास छात्र ऐसे बना ऑनलाइन परीक्षाओं का मास्टर हैकर

​मुखर्जी नगर का ‘डेविल’ :   बीए पास छात्र ऐसे बना ऑनलाइन परीक्षाओं का मास्टर हैकर

नोएडा/लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले सॉल्वर गैंग और हैकर्स के खिलाफ यूपी एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत एसटीएफ के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। कर्मचारी चयन आयोग की जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए धांधली करने वाले शातिर हैकर अरुण कुमार यादव उर्फ ‘डेविल’ को एसटीएफ ने दिल्ली से 22 सितंबर को धर दबोचा है। अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी को 22 सितंबर को दिल्ली के शाहबाद डेरी से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। उसके पास से ऑनलाइन परीक्षा में सेंधमारी के लिए इस्तेमाल होने वाले कई हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद हुए हैं।

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उन्होंने बताया कि एसएससी जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिये धांधली करने वाले नेटवर्क के मुख्य संचालक अरुण कुमार यादव उर्फ डेविल की हमारी टीम को लंबे समय से तलाश थी। यूपी एसटीएफ की सर्विलांस और खुफिया विंग की सटीक इनपुट पर इसे दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इसके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, राउटर, मॉडम और कोडिंग टूल्स मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा केंद्रों के कंप्यूटर हैक करता था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एसटीएफ ने ऐसे पकड़ा डेविल को

दरअसल,एसटीएफ को विभिन्न परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोह के सक्रिय होकर अपराध करने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थीं। यही वजह है कि एसटीएफ कई टीमें बड़े एक्शन की तैयारी में थीं। इसीबीच एसटीएफ के हाथ एक खास जानकारी हाथ आती है, जिसके बाद एसटीएफ की नोएडा इकाई सक्रिय होती है और 22 मई को ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर एसएससी जीडी कांस्टेबल की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस समय मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा सहित 7 लोगों को 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और कई अन्य उपकरणों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में नॉलेज पार्क थाने में मुकदमा भी कराया गया था। इसी मुकदमें की विवेचना में यह तथ्य सामने आया था कि हैकर अमित राणा व Devil द्वारा सर्वर की Source File को Decode कर हैकिंग के लिये आवश्यक बदलाव किये गये थे, जिससे प्रॉक्सी सर्वर से नकल कराना सम्भव हो पाया था, अभ्यर्थियों के कम्प्यूटर को परीक्षा केन्द्र के बाहर से कंट्रोल किया गया। जब एसटीएफ ने Devil के सम्बन्ध में जानकारी कि तो अरुण कुमार निवासी शाहबाद डेरी का नाम सामने आया। जिसके बाद अरुण कुमार यादव उर्फ ‘डेविल’ को दबोच गया है। 

मुखर्जी नगर से सीखा था हैकिंग का खेल

एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि 30 वर्षीय हैकर अरुण यादव उर्फ ‘डेविल’ सिर्फ बीए पास है। अरुण कुमार उर्फ Devil ने पूछताछ में बताया कि उसकी आयु लगभग 30 वर्ष है और वह बी०ए० पास है। उसके द्वारा आईटीआई जहांगीरपुरी से कम्प्यूटर फंडामेंटल में 1 साल का कोर्स किया है। वर्ष 2019 में मुखर्जी नगर दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान यह मनोज निवासी दरभंगा, बिहार के सम्पर्क में आया, जो उस समय ऑनलाईन होने वाली परीक्षाओं का संचालन करा रहा था। उसके साथ काम करने के दौरान इसने स्क्रीन उठाने का काम सीखा और धीरेधीरे वह सर्वर हैक करने में निपुण हो गया। इसके अलावा इसके द्वारा Modified TFT बनाकर भी परीक्षा धांधली करने लगा। हैकिंग की दुनिया में यह Devil के नाम से कुख्यात हो गया। धीरेधीरे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखण्ड व नॉर्थ ईस्ट भारत के कई राज्यों के परीक्षा धांधली करने वाले कई लोग इसके सम्पर्क में आ गये। पूछताछ में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि वर्ष 2024 में जनपद सीतापुर, उत्तर प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाईन परीक्षा में धांधली करने वाला गैंग पकड़ा गया था, उस समय में थाना तालगांव जनपद सीतापुर में एफआईआर दर्ज हुई थी पंजीकृत हुआ था। इतन ही नहीं आरोपित अरुण कुमार उर्फ Devil के द्वारा ही इस मामले के मुख्य आरोपित उत्कर्ष को परीक्षा में धांधली करने हेतु प्रॉक्सी सर्वर लगाकर Reboot करने के लिये पैन ड्राइव में सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया था। इस मामले में भी अभियुक्त अरुण कुमार उर्फ Devil की तलाश की जा रही थी। 

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