
लखनऊ, अमृत विचारः संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा चौराहे पर शुक्रवार देर रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुआ विवाद अब एक बड़े सियासी संग्राम में तब्दील हो चुका है। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है।
एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी के वर्तमान सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की तहरीर पर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ जानलेवा हमला और तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज हुआ है, वहीं दूसरी तरफ दलित समाज के युवक की तहरीर पर खुद सपा सांसद लक्ष्मीकांत निषाद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव समेत उनके आधा दर्जन समर्थकों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट, गाड़ी से कुचलने का प्रयास और जान से मारने की धमकी जैसी बेहद गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और सियासी तापमान चरम पर है।
सांसद का आरोप: ‘गाड़ी पर लगा सपा का झंडा देखकर उपद्रवियों ने किया जानलेवा हमला‘
सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे वह अपने सुरक्षाकर्मियों और सहयोगियों के साथ बेलहर कला स्थित अपने आवास की तरफ जा रहे थे। जब उनका काफिला बखिरा के अमरडोभा चौराहे पर पहुंचा, तो वहां आगे गणेश प्रतिमा विसर्जन का जुलूस डीजे के साथ आगे बढ़ रहा था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भीड़ के बीच से सांसद के वाहनों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे।
इसी बीच, काफिले की गाड़ियों पर लगा समाजवादी पार्टी का झंडा देखकर भीड़ में मौजूद कुछ अराजक तत्वों और उपद्रवियों ने जान से मारने की नीयत से अचानक ईंटपत्थर और लाठीडंडों से हमला बोल दिया। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सांसद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी। हालांकि, इस पथराव में सांसद के काफिले में शामिल सभी वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सांसद ने पुलिस से मांग की है कि मौके की वीडियो फुटेज खंगालकर सभी हमलावरों की पहचान की जाए और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
दूसरे पक्ष का पलटवार: ‘हूटर बजाते हुए भीड़ में घुसाया काफिला, विरोध पर दलित युवक को पीटा’
वहीं, मामले के दूसरे पक्ष से बखिरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर निवासी विशाल ने सांसद और उनके करीबियों पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। विशाल की तहरीर के अनुसार, वह गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस में शामिल था, तभी अचानक तेज रफ्तार में हूटर बजाते हुए सांसद लक्ष्मीकांत निषाद और उनके समर्थकों की दोतीन गाड़ियां जुलूस के बीच में जबरन घुस गईं।
सांसद की गाड़ी की चपेट में आने से विशाल के पैर, घुटने और कमर में गंभीर चोटें आईं और वह वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। जब जुलूस में शामिल आम लोगों ने एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की लापरवाही से गाड़ी चलाने पर आपत्ति जताई, तो सांसद के वाहन से आधा दर्जन समर्थक नीचे उतर आए और गालीगलौज व मारपीट करने लगे। आरोप है कि इसी दौरान जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव भी वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़ित युवक को थप्पड़ मारते हुए जान से मारने की धमकी दी।


